Monday, June 8, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

भारत में राष्ट्रद्रोही कौन है ?

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
May 8, 2019
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

भारत में राष्ट्रद्रोही कौन है ?

हिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ताहिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ता

भारत एक राष्ट्र नहीं था. भारत एक राष्ट्र अंग्रेजों के जाने के बाद भारत के संविधान के लागू होने पर सन 1950 को बना. उससे पहले भारत में एक धर्म का शासन कभी नहीं रहा. भारत कभी हिंदू राष्ट्र नहीं था. हिंदू शब्द तो बहुत नया है. भारत में कभी एक धर्म भी नहीं था.

You might also like

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था…

भारत में हज़ारों धर्म थे. हजारों मान्यताएं थीं. हजारों समुदाय थे. भारत का एक इतिहास नहीं है. भारत के हजारों इतिहास हैं. जितने समुदाय, उतने इतिहास हैं.  उन समुदायों के इतिहास को दबा दिया गया. आक्रमणकारी पुरोहितों और राजाओं के इतिहास को भारत का इतिहास कह कर पढ़ाया जा रहा है.

इन आक्रमणकारियों की संस्कृति को भारत की संस्कृति कह कर उसे बाकी के समुदायों पर थोपने की कोशिश की गयी. आज़ादी के बाद सभी समुदायों की बराबरी ना हो जाए, इसलिए इस आक्रमणकारी शासक तबके नें एक चालाक राजनीति खेली. इन्होनें भारत की राजनीति को साम्प्रदायिक खेल में उलझा दिया.




आज़ादी मिलते ही गांधी की हत्या कर दी गयी. बाबरी मस्जिद में राम लला की मूर्ती रख दी और कहा कि भारत की राजनीति का उद्देश्य बराबरी की राजनीति नहीं है बल्कि भारत की राजनीति का लक्ष्य हिंदू प्रभुत्व प्राप्त करना और मुसलमानों को बढ़ने से रोकना है. तब से भारत की राजनीति को इस तरफ ले जाने की कोशिशें शुरू कर दी गयी.

आज हम वहाँ पहुच चुकें हैं जहां यह नफरत की राजनीति सत्ता पर कब्ज़ा कर चुकी है. मोदी को इसलिए नहीं चुना गया कि उसने गुजरात में बहुत विकास किया था बल्कि इसलिए चुना गया कि उसने मुसलमानों को मारा था. अगर भारत के बहुसंख्य वर्ग को दूसरे बड़े समुदाय के खिलाफ़ नफरत के आधार पर राजनैतिक तौर पर संगठित किया जाता है और उसे कोई पार्टी अपनी राजनीती का केन्द्रीय मुद्दा बनाती है तो साफ़ समझ लीजिए कि वह पार्टी राष्ट्र के टुकड़े करने की तरफ देश को ले जा रही है.




अम्बेडकर साहब ने कहा था कि भारत अभी एक राष्ट्र बन रहा है. इण्डिया इज़ के नेशन इन मेकिंग अगर यहाँ के सभी समुदाय एक दूसरे के साथ रहना नहीं सीख पाए तो एक राष्ट्र के तौर पर भारत का अस्तित्व समाप्त भी हो सकता है.

मत भूलिए कि सोवियत संघ जैसी महाशक्ति पन्द्रह टुकड़ों में बंट गयी. भारत एक राष्ट्र के रूप में तभी तक रह सकता है. जब यहाँ की राजनीती का मुख्य मुद्दा सभी समुदायों की एकता और सभी को एक सामान न्याय होगा. किसी समुदाय का प्रभुत्व बनाना और किसी दूसरे समुदाय को आतंकवादी और देशद्रोही कह कर बदनाम करने की राजनीति करने वाले ही राष्ट्र के शत्रु साबित होंगे. इस लिहाज़ से भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ही असली राष्ट्रद्रोही संगठन हैं. इन संगठनों से भारत को बचाना ही भारत के अस्तित्व को बचाए रखने की गारंटी है.




Read Also –

मोदी है तो मोतियाबिंद हैः देश से 200 टन सोना चोरी ?
‘जब बच्चे घर से बाहर निकलने में डरें’
साम्प्रदायिक और जातिवादी कचरे का वैचारिक स्रोत क्या है ?
स्युडो साईंस या छद्म विज्ञान : फासीवाद का एक महत्वपूर्ण मददगार
चुनाव बहिष्कार ऐलान के साथ ही माओवादियों ने दिया नये भारत निर्माण का ‘ब्लू-प्रिंट’
आरएसएस हिन्दुत्‍ववादी नहीं, फासीवादी संगठन है




[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]




Previous Post

समाजवाद का विचार मार्क्सवादी वामपंथियों का है ?

Next Post

जीडीपी के झूठे आंकड़े दे रही है मोदी सरकार ?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

by ROHIT SHARMA
June 4, 2026
गेस्ट ब्लॉग

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

by ROHIT SHARMA
May 30, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था…

by ROHIT SHARMA
May 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

जीडीपी के झूठे आंकड़े दे रही है मोदी सरकार ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

आधार कार्ड की अनिवार्यता, निजता का हनन और ममता का विरोध

October 26, 2017

रूदाली

June 12, 2024

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

June 7, 2026
Uncategorized

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

June 7, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

June 4, 2026
गेस्ट ब्लॉग

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

May 30, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था…

May 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

June 7, 2026

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

June 7, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.