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दुनिया के 6 ऐसे देश, जहां सौर-मंडल का ये नियम लागू नहीं होता

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
July 15, 2019
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दुनिया के 6 ऐसे देश, जहां सौर-मंडल का ये नियम लागू नहीं होता

पं. किशन गोलछा जैन, ज्योतिष, वास्तु और तंत्र-मंत्र-यन्त्र विशेषज्ञ

आप में से ज्यादातर बल्कि ये कहूं कि लगभग सभी ये सोचते होंगे कि दुनिया में लगभग 12 घंटे दिन और 12 घंटे रात होती है और इस तरह पृथ्वी पर दिन-रात का चक्र चलता है. और इसी से काल का मान तय होता है लेकिन मैं आपको बताऊं कि इस दुनिया में 6 ऐसे देश हैं, जहां सौर-मंडल का ये नियम लागू नहीं होता और कई-कई महीनों तक रात नहीं होती. जी हां ! ये बिल्कुल सच है. नॉर्वे, स्वीडन, आइसलैंड, कनाडा, फिनलैंड और अलास्का, ये 6 ऐसे देश हैं, जिनमें वर्ष की एक विशेष समय अवधि में रात नहीं होती क्योंकि यह सारे देश आर्कटिक सर्कल में आते हैं (अगर आपको विश्वास न हो तो वहां जाकर इसका अनुभव कर सकते हैं अथवा आपका कोई रिश्तेदार रहता हो या पहचान वाला रहता हो, तो उससे कन्फर्म कर सकते हैं).

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इसका कारण कोई चमत्कार नहीं बल्कि प्राकृतिक है अर्थात पृथ्वी का अपनी धुरी पर 23.5 डिग्री झुककर घूमना, इसका कारण है. इसलिये यहां गर्मियों के मौसम में सूरज डूबता ही नहीं और पृथ्वी के इसी झुकाव के कारण से उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव पर तो सूरज वर्ष में एक बार उगता है और एक बार डूबता है, जिसका परिणाम यह होता है कि लगभग छह महीने दिन रहता है और छह महीने रात. अब इन देशों से संबंधित कुछ ख़ास बातें भी जान लीजिये.




1. नार्वे – यहां मई से जुलाई महीने के दरम्यान करीब 76 दिनों तक सूर्य डूबता नहीं है. इसे मध्यरात्रि का देश कहा जाता है क्योंकि रात्रि के 2 बजे सूर्य अस्तांचल की तरफ बढ़ता है लेकिन सुबह 3ः30 – 4ः00 बजे सूर्य वापिस उदय हो जाता है. नार्वे की सबसे खास बात यहां पर सरकारी शिक्षा बिल्कुल मुफ्त है, सिर्फ अपने नागरिकों के लिये ही नहीं बल्कि विश्व के किसी भी छात्र के लिये. विश्व का कोई भी छात्र स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी तक पढ़ाई कर सकता है. नार्वे में बच्चों से विज्ञापन करवाना गैर-कानूनी है और इसके लिये जिम्मेदार व्यक्तियों और कम्पनी पर जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान है.

2. स्वीडन – इस देश में मई से अगस्त तक करीबन 100 दिनों तक सूर्यास्त नहीं होता. यहां मध्यरात्रि को सूरज ढ़लता तो है मगर सुबह 4ः30 बजे फिर से पुरे निखार पर आ जाता है. स्वीडन की सबसे खास बात बच्चे के जन्म होने के उपलक्ष्य में बच्चे के पेरेंट्स (माता-पिता दोनों) को 480 दिनों की पेड लीव (सवैतनिक छुट्टी) दी जाती है और 1979 के बाद से बच्चों के मारने-पीटने पर भी प्रतिबन्ध है. स्वीडन में भी बच्चों से विज्ञापन करवाना गैर-कानूनी है और नार्वे की ही तरह यहां भी जिम्मेदार व्यक्तियों और कम्पनी पर जुर्माना और सजा दोनों का प्रावधान है.




3. आइसलैंड – यह ग्रेट ब्रिटेन के बाद यूरोप का सबसे बड़ा आइलैंड है यहाँ 10 मई से जुलाई के अंत तक सूरज नहीं डूबता है अर्थात रात होती ही नहीं है. आइसलैंड की सबसे खास बात यहां खूब सारे ज्‍वालामुखी हैं लेकिन वहां की सरकार ने इसका एडवांटेज लिया और इन ज्‍वालामुखियों से ही एनर्जी (बिजली इत्यादि) बनाने लगे और आज आइसलैंड में करीब 85% एनर्जी (ऊर्जा) ज्‍वालामुखी से ही बनाई जाती है. आपको आइसलैंड की एक खास बात और बताऊं ?

दुनियाभर में फेमस सेंटाक्लॉज दरअसल आइसलैंड के मिथ से जुड़ा है और इसे सेंटाक्लॉज के रूप में फेमस करने का श्रेय भी आइसलैंड को ही जाता है. असल में पहले यहां पर लोग अपने बच्‍चों को ये कहकर डराते थे कि अगर उन्‍होंने बदमाशी की तो एक झोली पकड़ा हुआ इंसान उनके खिलौनों को उठाकर ले जायेगा. बाद में सरकार ने एक आदेश पारित किया जिसमें सभी मां-बाप को अपने बच्‍चों को इस तरह से डराने के लिए मना किया था, तब से ही ‘यूल-लैंड्स’ (सेंटाक्लॉज़) का कॉन्‍सेप्‍ट चालू हुआ, जिसमें एक व्‍यकि्‍त क्रिसमस पर रंग-बिरंगे कपड़े पहनकर लोगों के घर जाता है और बच्‍चों को तरह-तरह के गिफ्ट्स देता है. इस व्‍यकि्‍त को वहां ‘यूल-लैंड्स’ के नाम से जाना जाता है लेकिन बाद में ये पूरी दुनिया में चलन में आ गया और इसे सेंटाक्लॉज या सांता-क्लॉज़ नाम दिया गया.




4. कनाडा – यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है (पहले नंबर पर रूस है), जो लगभग पूरे साल बर्फ से ढका रहता है लेकिन इसके उत्तरी-पश्चिमी हिस्से में गर्मी के दिनों में लगभग 50 दिनों तक सूर्यास्त नहीं होता. कनाडा की सबसे खास बात यह कि यहां दुनिया के सबसे ज्यादा पढ़े-लिखे लोग रहते हैं, लेकिन कनाडा शब्द का अर्थ होता है – ‘गांव’ (हमारी भारतीय भाषा में ‘गंवार’) !

भारत के बाद सबसे ज्यादा पंजाबी आपको यहीं मिलेंगे और आपको मिनी पंजाब में होने का अहसास होगा. कनाडा में आप जिन्दा चुहे को न तो खरीद सकते हैं और न ही बेच सकते हैं अर्थात अगर वहां किसी के पास पालतू चूहा है तो वो वीवीआईपी माना जाता है. वहां अगर किसी के पास पालतू सांप है तो उसे सार्वजनिक स्थान पर अपने साथ ले जाने पर सांप के मालिक को जेल हो सकती है. दुनिया का 20% मीठा पानी सिर्फ कनाडा की झीलों में है, लेकिन आबादी टोक्यो (जापान) से भी कम है. कनाडा का नेशनल पार्क पूरे स्विट्ज़रलैंड से भी बड़ा है और दुनिया के सैंकड़ों प्राकृतिक आश्चर्य उसमें मौजूद है.

आपको ये जानकर तो और भी हैरानी होगी कि दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका ने कनाडा पर दो बार (1775 और 1812) हमला किया लेकिन दोनों ही बात अमेरिका की हार हुई. पूरी दुनिया में सबसे कम ग्रेविटी वाला देश कनाडा है अर्थात अगर भारत में आपका वजन 50 किलोग्राम है तो कनाडा में आपका वजन शायद 40 किलोग्राम ही होगा या फिर इससे भी कम. अगर आप भारत में 50 किलोग्राम का वजन आसानी से उठाते हैं तो वहां आप 80 या 100 किलोग्राम तक का वजन आराम से उठा सकते हैं क्योंकि कम ग्रेविटी होने के कारण वहां हर वस्तु का वजन मान में कम हो जाता है.




5. फिनलैंड – हज़ारों झीलों और आइसलैंड से सजा ये देश बहुत ही सुन्दर पर्यटक स्थल है. गर्मी के दिनों में लगभग 73 दिनों तक यहां रात नहीं होती अर्थात सूर्य चमकता रहता है. मात्र 55 लाख की आबादी वाले फिनलैंड की सबसे खास बात यह है कि दुनिया को सबसे पहले इंटरनेट ब्राउज़र देने वाला देश फिनलैंड ही है और नोकिया और एंग्री बर्ड्स बनाने वाली रिवो कम्पनी भी यहीं की है.

6. अलास्का – मई से जुलाई महीने तक यहां सूरज नहीं डूबता. अलास्का अपने खूबसूरत ग्लेशियर के लिए फेमस है लेकिन अलास्का की सबसे खास बात यह कि ये पहले रूस का हिस्सा था लेकिन 1867 में रूस ने इसे बहुत की कम दामों (70 लाख डॉलर) में इसे अमेरिका को बेच दिया था, जबकि अलास्का का क्षेत्रफल पूरे जर्मनी के बराबर है और अमेरिका के न्यू-जर्सी जैसे 75 शहर इसमें बनाये जा सकते हैं.

अलास्का में एक जगह ऐसा पिज्जा प्लेस है जो प्लेन से लोगों को पिज्जा डिलीवर करता है लेकिन इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात ये है कि तालकिटना (अलास्का) में 15 साल तक एक बिल्ली मेयर के पद पर थी. दुनिया में सबसे ज्यादा भूकंप (हर साल लगभग 5000) अलास्का में आते हैं. अलास्का में एक ऐसा रेगिस्तान है, जिसमे 150 फुट ऊंचे रेत के टीले हैं. अलास्का में 1975 ई. के बाद नशीली चीज़ों का प्रयोग वैध है और भारत के बाद सबसे ज्यादा गंजेड़ी आपको यहीं मिलेंगे. इसे भारत का यूपी भी कह सकते हैं अर्थात ये अमेरिका का रेप-केपिटल है, जहां सबसे ज्यादा रेप होते हैं.




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