Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

ज़किया ज़ाफरी : अंधेरे में रोशनी की एक झलक

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
October 25, 2019
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

ज़किया ज़ाफरी : अंधेरे में रोशनी की एक झलक

हिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ताहिमांशु कुमार, प्रसिद्ध गांधीवादी कार्यकर्ता

इस चित्र में दीपावली के दीप जलाये जो महिला खडी हैं वे हिन्दू नहीं मुसलमान हैं. इन महिला के पति के टुकड़े-टुकड़े कर दिए गये थे. इन महिला के पति की हत्या करने वाले लोग हिन्दू थे लेकिन इस महिला के दिल में हिन्दुओं के लिए ज़रा भी नफरत नहीं है.

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

यह अपने पति के क़त्ल के लिए नफरत फ़ैलाने और हिंसा फ़ैलाने वाले लोगों को दोषी मानती हैं, हिन्दुओं को नहीं. यह आज भी अदालत में इसीलिए लड़ रही हैं कि जिन लोगों ने निर्दोष हिन्दुओं के हाथों से निर्दोष मुसलमानों की हत्या करवाई, उन नफरत की राजनीति करने वाले लोगों को कानूनी सबक सिखाइए ताकि देश में और निर्दोषों की हत्या रुक सके.

दुःख की बात है कि अदालत ने अभी तक इन की बात नहीं मानी है. इनके पति की हत्या करवाने वाले आज भी खुलेआम सत्ता पर बैठे हुए हैं. इस महिला का नाम ज़किया ज़ाफरी है. इनके पति का नाम अहसान ज़ाफरी था. यह लोग अहमदाबाद में रहते थे. अहसान ज़ाफरी कांग्रेस की तरफ से संसद सदस्य थे.

चुनाव आने वाले थे. मोदी की हालत खराब थी. चुनाव में मोदी की हार पक्की थी इसलिए योजना बना कर मोदी और उसके गिरोह ने गुजरात में दंगे भड़का दिए. पहले ट्रेन में आग लगवा कर हिन्दुओं की हत्या करवाई गई. उसके बाद किये जाने वाले दंगों की तैयारी पहले से ही कर ली गई थी. मुसलमान व्यापारियों की दुकानों की लिस्ट टाइप करके फोटो-कापी कर के पार्टी कार्यकर्ताओं में बांट दी गई थीं. इन लिस्टों के हिसाब से ही मुसलमानों की दुकानें जलाई गईं.

भीड़ जब कांग्रेस नेता अहसान ज़ाफरी की हत्या करने के लिए आयी तो अहसान ज़ाफरी ने मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन पर मदद भेजने के लिए कहा. जवाब में नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘तू मरा नहीं अभी तक.’ इसके बाद भीड़ ने सांसद अहसान जाफरी के टुकड़े कर दिए और घर को आग लगा दी.

उस दंगे के बाद नरेंद्र मोदी ने पूरे गुजरात में घूम कर हिन्दुओं को भडकाया और चुनाव जीत लिया. तब से आज तक नरेंद्र मोदी उसी दंगों की फसल काट रहा है. उन्हीं दंगों से मिली लोकप्रियता के कारण आज नरेंद्र मोदी आज भारत का प्रधानमंत्री है लेकिन ज़किया ज़ाफरी बिना डरे उन दंगों और अपने पति की हत्या के लिए देश की सबसे ऊंची अदालत में लड़ रही हैं.

ज़किया ज़ाफरी, एक अकेली औरत लड़ रही है, बिना डरे, बिना थके, बिना रुके. मैं ज़किया ज़ाफरी से मिला हूंं. इस चित्र को देख कर मेरा दिल कर रहा है कि ज़किया बहन के पास जाकर उनकी थाली से एक दीपक लेकर मुंडेर पर रख दूं और दूर तक जो अंंधेरा फैला है उस अंंधेरे में रोशनी की एक झलक देख कर उनकी ही तरह थोडा-सा मुस्कुरा दूं.

अंंधेरा बहुत है, ग़म बहुत है, काम भी बहुत है रास्ता बहुत लम्बा है लेकिन दिया जलाना और मुस्कुराना कहांं मना है. इसी तरह बहुत सारे चिराग जल जायेंगे मोहब्बत और हिम्मत के तो ये हिंसा, और नफरत के अंंधेरे ज़रूर भाग जायेंगे. इस अंंधेरे में हमें इन चिरागों की रोशनी दिखाने के लिए बहुत शुक्रिया ज़किया बहन.

Read Also –

भारतीय फासीवाद के हजारों चेहरे
सोशल एक्सपेरिमेंट प्रैंक : भारत-पाकिस्तान की आम आवाम
देश में बलात्कार और मॉबलिंचिंग को कानूनन किया जा रहा है ?
कश्मीर : आजादी और मौत के बीच जंग
संघीय ढांचे वाले भारत से राजतंत्रीय ढांचे की ओर लौटता भारत
श्मशान और कब्रिस्तान ही है अब विकास का नया पायदान

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Previous Post

भारतीय फासीवाद के हजारों चेहरे

Next Post

कमलेश तिवारी की हत्या : कट्टरतावादी हिन्दुत्व को शहीद की तलाश

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

कमलेश तिवारी की हत्या : कट्टरतावादी हिन्दुत्व को शहीद की तलाश

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

भारतीय अर्थव्यवस्था को बचाने का एकमात्र विकल्प – विपरीत परासरण

April 9, 2022

…राहुल 24 हारने को तैयार हैं !!

August 2, 2023

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.