Monday, September 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

अमेरिका दुनिया को तृतीय विश्वयुद्ध की ओर धकेल रहा है

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
April 18, 2022
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
Subrato Chatterjeeसुब्रतो चटर्जी

तृतीय विश्व युद्ध की आहट सुनाई पड़ रही है. रूस के युद्ध पोत डूबने के साथ ही रूस यूक्रेन युद्ध ने एक नया मोड़ ले लिया है. रूस ने खुलेआम अमरीका को धमकी दी है कि अगर उसने यूक्रेन की सामरिक मदद की तो इसके अकल्पनीय परिणाम होंगे. पुतिन निंदा नाथ सिंह नहीं हैं और रूस को कमज़ोर समझने वाले बेवकूफ इस मुग़ालते में नहीं रहें कि रूस गीदड़ भभकी दे रहा है. पश्चिम के आर्थिक प्रतिबंधों का कोई ख़ास असर रूस की अर्थव्यवस्था पर नहीं पड़ा है और सउदी अरब से उसकी बढ़ती नज़दीकियों के पीछे चीन का फ़ैक्टर काम कर रहा है.

दरअसल, जो हम देखना नहीं चाहते हैं वह ये है कि शक्ति संतुलन के इस खेल में अमरीका धीरे-धीरे अकेला पड़ता जा रहा है. अगर अमरीका की बात मान कर पश्चिमी देशों ने रूसी तेल के आयात पर प्रतिबंध लगाया तो अमरीकी तेल कंपनियों पर रूसी तेल की क़ीमत पर उन्हें तेल बेचने का दवाब बढ़ेगा, यह अमरीका के लिए आत्मघाती होगा.

You might also like

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

भारत की कोई गिनती नहीं है. अमरीका जानता है कि आज़ादी के बाद भारत में सबसे ज़्यादा भ्रष्ट, अक्षम और देशद्रोही सरकार बैठा है. इसलिए भारत सरकार के कान उमेठने के लिए एक तरफ़ अमरीका मोदी सरकार की मानवाधिकार उल्लंघनों की बात करता है और दूसरी तरफ़ उसके रूसी तेल को अपने ऑयल बास्केट से निकाल देने पर मानवाधिकार के मुद्दों पर ख़ामोश हो जाता है. अगर ऐसा नहीं होता तो आकार पटेल के मामले पर अमरीका चुप नहीं बैठता.

दुनिया का शक्ति संतुलन तेज़ी से बदल रहा है. रूस और चीन की सम्मिलित ताक़त अपराजेय है और नाटो या अमरीका इनका मुक़ाबला नहीं कर सकता है. यूक्रेन पर रूसी हमले की सीमा नस्ली कारण से है. मामा रूसी है तो भांजा यूक्रेनी. इसका मतलब यह नहीं है कि पोलैंड या ब्रिटेन से युद्ध होने की स्थिति में रूस सीमित हमला करेगा. पेंटागॉन का आकलन है कि रूस के पास बहुत भारी मात्रा में ऐसे आणविक हथियार हैं जिनका उपयोग वह छोटी दूरी के लिए कर सकता है.

देखना ये है कि क्या अमरीका अपनी बेवक़ूफ़ी में रूस को उकसाना जारी रखता है या नहीं ? भारत में तो गधा प्रेरित गधेंद्र है, जिसे अपने ही देश का भूगोल नहीं मालूम है, वह जियो पॉलिटिक्स क्या समझेगा. इसका मक़सद सिर्फ़ अपने देश में गृहयुद्ध का माहौल बना कर अंबानी अदानी के हाथों देश बेचना है.

बेलगाम महंगाई, बेरोज़गारी, आर्थिक मंदी में फंसे हुए भारत की असल स्थिति कल्पना से भी बदतर है. इस समय अमरीका के ख़ेमे में सिर्फ़ सरकार बचाने के लिए जाना भी एक देशद्रोही फ़ैसला ही है. अच्छे दिनों के लिए तैयार रहिए और हनुमान चालीसा पर बहस कीजिए.

Read Also –

तीन दशक बाद रुस-चीन के नेतृत्व में अंतरिक्ष पर कब्जा की लड़ाई तेज
पागल हो जाने से पहले सोचिए और अपने बच्चों को उन्मादी होने से बचा लीजिए
जेलेंस्की के खिलाफ रुसी कार्रवाई में पश्चिमी मीडिया के झूठे प्रोपेगैंडा से सावधान
भारत नहीं, मोदी की अवसरवादी विदेश नीति रुस के खिलाफ है

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

Donate on
Donate on
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

संघ और भाजपा एक राष्ट्र के रूप में भारत को मार डालने का अपराध कर रही है

Next Post

क्या मदर इंग्लैंड ही मदर इंडिया और दुर्गा की संघी परिकल्पना है ?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

by ROHIT SHARMA
September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

by ROHIT SHARMA
August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

by ROHIT SHARMA
August 27, 2026
Next Post

क्या मदर इंग्लैंड ही मदर इंडिया और दुर्गा की संघी परिकल्पना है ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

लाल जूते

October 26, 2023

मोडानी यानी हिंदुत्व-कॉर्पोरेट गठजोड़ : अडानी समूह की संपत्ति जब्त कर उसका राष्ट्रीयकरण करो !

September 9, 2024

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

August 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

प्रशांत बोस उर्फ किशन दा के बारे में संक्षिप्त जानकारी

August 26, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.