Monday, June 8, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

अमित शाह को सोशल मीडिया पर लोगों ने जमकर लताड़ा

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
November 3, 2017
in ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

अमेठी में अमित शाह

You might also like

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

अमित शाह की तारीफ इस बात के लिए भी की जा सकती है कि वे पहले आदमी हैं जिन्होंने खुलेआम एक चैनल पर अपने चुनावी घोषणापत्र को जुमला कहने का साहस दिखा सके. इसके पूर्व की तमाम सरकारें अपने पार्टी के घोषणापत्रों व वादों की लम्बी फेहरिस्तों को किसी न किसी बहाने ढकने की कोशिश करते दिखते थे. पर जिस साहस के साथ अमित शाह अपने घोषणापत्रों के बादों को सीधे-सीधे ‘जुमला’ कहकर किनारे लगा दिये और उसके घोषणापत्रों के वादों को पूरा करने की मांग करने वाले को ही बेवकूफ बता दिये, यह भारतीय राजनीति में एक नये युग की शुरूआत को दिखाता है, जिसमें पार्टी की घोषणापत्र कोई मायने नहीं रखता बल्कि इसके घोषणापत्रों पर यकीन करने वाले को ही बेवकूफ बनना पड़ता है. इसके बावजूद भारतीय जनता पार्टी की आगे के चुनावों में की जाने वाली घोषणाओं पर यकीन करना आम जनता के समय और धन की बर्वादी के अलावा और कुछ नहीं हो सकता.

अपने जुमलों की अगली कड़ी को अगली कड़ी को आगे बढ़ाते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अपने सरकार की बेहिसाब तारीफ करते हुए कहते अमेठी की एक सभा कहते हैं कि ‘‘मोदी सरकार तीन साल में गरीबों, दलितों, महिलाओं, युवाओं, पिछड़ों के लिए 106 योजनाएं लाई है’’ तो देश की आम जनता जो नोटबन्दी जैसे महाघोटाले के बाद जीएसटी जैसी भारी-भरकम अबूझ जंजीरों में जकड़ी जा चुकी है, ने सोशल नेटवर्किंग साईट पर जमकर कोसा है, और भाजपा के मोदी सरकार के मंशा पर ही सवाल उठा दिये हैं. अमन चतुर्वेदी कहते हैं, ‘‘ये सिर्फ जुमलेबाजी है, पहले अपने भ्रष्टाचारी बेटे का हिसाब दो. जुमलेबाजी गाय, गोबर बहुत कर लिए अब.’’ तो वहीं खलक सिंह ठाकुर कहते हैं, ‘‘फायदा गिनाओं योजनाएं मत गिनाओ.’’

वहीं संजीव कुमार ने सीधे-सीधे वह फार्मूला ही पूछ लिया जिससे अमित शाह के बेटे जय शाह ने एक साल में 16 हजार गुना धन कमाया है. उन्होंने कहा है कि, ‘‘भाई साहब, हमें तो वो योजना बताओ, जो 50000 लगाकर 80 करोड़ हो जाते हैं. ताकि सबकी गरीबी हट जाये.’’ तो वहीं प्रमोद बलानियां ने उनके 106 योजनाओं पर तंज कसते हुए कहा है कि, ‘‘जैसे बीएचयू में लड़कियों को पिटवाया, गोरखपुर में बच्चों की मौतें हुई, किसानों को 100 से कम मुआबजा, बेरोजगारी पूरी तरह से खत्म…’’ का है. लक्ष्मण बागुल अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहते हैं, ‘‘मालूम है टकले …, दलितों, महिलाओं, पिछड़ों पर अत्याचार और युवाओं को कर रहे हो बेरोजगार.’’ इस्लाम खान कहते हैं, ‘‘जनता को बेवकूफ समझ रखा. एक तू ही तो अकलमंद है, बाकी जनता बेवकूफ है.’’ विनित दीक्षित कहते हैं, ‘‘जितनी भी योजनाएं आई, भला तो आपके बेटे का ही हुआ अमित शाह जी.’’ मोहम्मद इमरान सवाल उठाते हुए कहते हैं, ‘‘106 लाख युवाओं को बेरोजगारी के कुंए में धकेल दिया. मैंने अपनी जिन्दगी में पहली बार ऐसा विकास देखा है, जो मंहगाई बढ़ा-बढ़ा कर विकास करने की बात कर रहा है. तबियत ठीक तो है न विकास कि ?’’ वहीं  ‘विकास पागल हो गया है’ कि तर्ज पर गोल्डी नामदेव ने कहा है कि, ‘‘भाजपा को गुजरात चुनाव की हार का अंदेशा इतना पागल कर चुका है कि चुनाव गुजरात में है और प्रचार अमेठी में कर रहे हैं.’’

लगभग सभी लोगों ने अमित शाह के योजनाओं को ‘‘जुमला’’ ही बताया है. इसके साथ ही यह चुनावी जुमला के तौर पर लोगों ने माना है, जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है. आईये, और ढ़ेर से लोग अमित शाह के इस बयान – इसे जुमला भी कहा जाता है – पर अपनी क्या-क्या राय रखे हैं –

 

 

Previous Post

विकास की तलाश में बन गया भूखमरों का देश भारत

Next Post

गुजरात चुनाव को सामने देखकर भाजपा के काले चेहरे को ढ़कने के लिए गढ़ा गया ‘ताजमहल’ का शिगूफा

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
Next Post

गुजरात चुनाव को सामने देखकर भाजपा के काले चेहरे को ढ़कने के लिए गढ़ा गया ‘ताजमहल’ का शिगूफा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

हिंदी पट्टी और इसका बौद्धिक वर्ग (मुख्यत: अपरकॉस्ट) पूरे देश के लिए कैंसर बन चुका है ?

July 31, 2023

मोदी का झोला लेकर चल देने का सपना साकार हो रहा है

August 13, 2021

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

June 7, 2026
Uncategorized

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

June 7, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

June 4, 2026
गेस्ट ब्लॉग

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

May 30, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था…

May 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

June 7, 2026

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

June 7, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.