Friday, July 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

अपने कार्यक्रम का वीडियो भी प्रधानमंत्री ही बना कर देंगे ?

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
August 19, 2021
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

अपने कार्यक्रम का वीडियो भी प्रधानमंत्री ही बना कर देंगे ?

रविश कुमार, अन्तर्राष्ट्रीय पत्रकार

पिताजी के पूछने पर कि शाम को देर से क्यों लौटे, कहां थे तो बेटों के पास जवाब तैयार रहता है. पिताजी, ट्यूशन के बाद हम लोग अमित के घर पर ग्रुप स्टडी करने लगे थे. वही हाल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है. दुनिया खोज रही है कि भारत के प्रधानमंत्री अफगानिस्तान संकट पर क्या कह रहे हैं ? अर्थव्यवस्था तबाह है उस पर क्या कहेंगे ? लेकिन प्रधानमंत्री माइक लगाकर पचास खिलाड़ियों के दल से मिल रहे हैं ताकि वीडियो बन सके और दुनिया को दिखा सके कि वे ट्यूशन से लौट कर ग्रुप स्टडी कर रहे थे. आप इस वीडियो में देखिए, कितने कैमरे लगाए गए हैं ?

You might also like

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

http://www.pratibhaekdiary.com/wp-content/uploads/2021/08/237498457_2960788824199647_7400288877478948426_n.mp4

जब से देश में बेरोज़गारी और महंगाई बढ़ी है, प्रधानमंत्री खेल की ख़बरों पर शिफ्ट हो गए हैं. वे खेल के पन्नों पर ज़्यादा नज़र आते हैं. आप इसमें ग़लती भी नहीं निकाल सकते कि ओलिंपिक खिलाड़ियों से मिल रहे हैं. अपना वादा पूरा कर रहे हैं लेकिन आप देखिए कि उनकी व्यस्तता किन चीज़ों में हैं ?

इतने बड़े देश का प्रधानमंत्री यह सोच कर जागे कि आज क्या ट्विट करना है तो आपकी नियति वाक़ई उस झोले पर टिकी है जिसमें ग़रीब होने पर मुफ़्त अनाज मिलने वाला है. तिस पर से दुनिया भर में प्रचार किया जाएगा कि प्रधानमंत्री कितना काम करते है. ऐसा लगता है कि अपने प्रचार के बारे में दिन रात सोचना ही उनका मुख्य काम होकर रह गया है.

इस वीडियो में आप एक अति व्यस्त और बिना छुट्टी के दिन-रात काम करने वाले भारत के प्रधानमंत्री को काम करते हुए देख रहे हैं. जब काम ही छुट्टी का बहाना बन जाए तो छुट्टी की ज़रूरत ही क्या है. जब प्रधानमंत्री फ़ाइलों को पढ़ते होंगे तो इनके अफ़सर भी हैरान होते होंगे कि यहां कैसे माइक लगाकर वीडियो नहीं बना रहे हैं ! इसका वीडियो कब बनेगा ? वैसे इसका भी वीडियो आ जाएगा कि प्रधानमंत्री अफ़सरों के साथ कड़े निर्णय ले रहे हैं, जिसका रिज़ल्ट सड़क पर ज़ीरो है. जनता बेरोज़गारी और महंगाई से त्रस्त है.

इस तरह का काम आज कल के विधायक करने लगे हैं. हर चीज़ का वीडियो बना कर इंस्टा पर डालने लगे हैं. विपक्ष के नेता भी वीडियो बनाने लगे हैं. राहुल गांधी भी वीडियो बनवाने लगे हैं. उनका समझ आता है क्योंकि मीडिया तो कवर करेगा नहीं और वीडियो बनाने के बाद भी कोई कवर नहीं करता लेकिन जिस प्रधानमंत्री का इवेंट हर कोई कवर करता है और करना ही पड़ता है, उन्हें भी अब वीडियो बनाना पड़ रहा है ?

इसका कारण यह है कि जब प्रधानमंत्री खुद वीडियो बना कर देंगे तो जो खबर चल चुकी है वह फिर से चलेगी. ओलिंपिक खिलाड़ी से मिलने की खबर चल चुकी थी. छप चुकी है. इतने कैमरे लगे हैं तो ज़ाहिर है दिखाया भी होगा. अब आज ये वीडियो फिर से चलेगा. ज़ाहिर है, जिस वीडियो को ख़ुद प्रधानमंत्री ने ट्विट कर जारी किया हो उसे कौन नहीं चलाएगा ?

इस तरह आज बाक़ी मुद्दे पीछे रह जाएंगे. यह वीडियो चलने भी लगा होगा. इस पूरी प्रक्रिया में अब सीधे-सीधे प्रधानमंत्री तय करेंगे कि उनके इवेंट को कैसे चलाया जाए. अब कोई इस वीडियो को संपादित भी नहीं कर सकेगा, ईडी के छापे के डर से. पूरा का पूरा चलेगा. सरकार पहले डिबेट का थीम प्रदान कर कंटेंट दे रही थी अब सीधे वीडियो बना कर देगी. इस तरह से भारत के प्रधानमंत्री अब चैनलों के लिए कंटेंट एडिटर भी बन गए हैं. भारत के नए ‘कंटेंट प्रधानमंत्री’ का स्वागत हो.

भारत के समस्त मीडिया को ध्वस्त कर, गोदी मीडिया बनाने के बाद भी अगर प्रधानमंत्री को अपना वीडियो खुद बनाना पड़े तो भारत सरकार को गोदी मीडिया को विज्ञापन तुरंत बंद कर देना चाहिए. या नहीं तो गोदी मीडिया को अपने स्टाफ कम कर देने चाहिए ताकि उनका मुनाफा और बढ़ सके. जब प्रधानमंत्री के यहां से ही वीडियो बन कर आ जाएगा तो फिर चैनलों में रिपोर्टर, कैमरापर्सन, वीडियो एडिटर क्या करेंगे ?

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

नौकरी देने के योगी सरकार दावे व प्रोपैगैंडा की जमीनी हकीकत

Next Post

धर्म के नाम पर शासन करना मूलत: विकास विरोधी विचार है

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

by ROHIT SHARMA
July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

लोकतंत्र के अंतिम किले का पतन : भाजपा की ढाल बना चुनाव आयोग

by ROHIT SHARMA
June 16, 2026
Next Post

धर्म के नाम पर शासन करना मूलत: विकास विरोधी विचार है

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

लास्ट केस

August 4, 2024

दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति भूखमरी, गरीबी व बीमारी से पीड़ित देश के साथ सबसे बड़े भद्दे मजाक का प्रतीक है

November 1, 2018

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

July 20, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.