ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

प्रहसन

उन्नाव के ईत्र और लाल भारतीयों के लहू में प्रतिस्पर्धा के शुभ मुहूर्त पर वे मुझे अनायास ही ढूंढते हैं...

नवउदारवाद की अवैध संतानों के भरोसे कोई भी सत्ता कितने दिनों तक टिक सकती है ?

हेमन्त कुमार झा,एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना आधुनिक इतिहास के पन्ने पलट कर देख लीजिए, कोई भी पुनरुत्थानवादी शक्ति ऐसी...

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