बेटी बनाम कविता
कोख में बेटियां ही नहीं मारी जाती 'कोख' में कविताएं भी मारी जाती हैं कुछ बेटियां कोख के बाहर भी...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
कोख में बेटियां ही नहीं मारी जाती 'कोख' में कविताएं भी मारी जाती हैं कुछ बेटियां कोख के बाहर भी...
कैमूर बाघ अभ्यारण्य के नाम पर जल-जंगल-जमीन को लूटने की साजिश के खिलाफ प्रतिरोध करने पर साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं...
जगदीश्वर चतुर्वेदी मैं आठ वर्ष से अधिक तक चार महाविद्यालयों में पढ़ा चुका हूं. कम्बख्त तनख्वाह ने ऐसा मारा कि...
1 जब इस छोर से आवाज़ दे रहा हो कोई और दूसरे छोर पर मुर्दा ख़ामोशी हो तो समझ आता...
कश्मीर में युवाओं के हाथ में पत्थर क्यों हैं ॽ जगदीश्वर चतुर्वेदी श्रीनगर के डाउनटाउन इलाके में जाइए और आम...
तुमने हमें असभ्य और जंगली कहा हमने ध्यान नहीं दिया तुमने हमें आदिवासी नहीं अनुसूचित जनजाति कहा जिसका हमने आज...
प्रार्थनायें फलीभूत होती तो दुनिया में कभी भी कुछ बुरा न होता सब जगह प्रार्थनाएं तो भरी हुई हैं प्रार्थनाएं...
निबंध लिखना भेड़िया पर था निबंध लिखा गाय पर आखिर क्या करता यही एक निबंध था जो याद था सो...
नाटो के हर बयान में अफसोस और खून के आंसू अमेरिकी पालतू नाजी जेलेंस्की और उसकी सेना का असली घृणास्पद...
अंततः जीत गये आप युद्ध भूमि में अंत के बाद तक आप ही थे तब भी जब सारे योद्धा जा...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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