ROHIT SHARMA

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'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

तुमने कभी…

1 तुमने कभी चौपायों के खुरदुरे खुर से किसी हरी पगडंडी को धूसर नहीं होते हुए पाया होगा जैसे वे...

आरएसएस सांप्रदायिकता के ज़हर और नशे को धर्म और संस्कृति के पर्दे में छिपाकर पेश करता है – हिमांशु कुमार

हिमांशु कुमार दो-तीन दिन पहले एक सज्जन से बातचीत हो रही थी. वे कहने लगे वैसे मैं मोदी समर्थक नहीं...

तेजस्वी यादव : विवश और असमर्थ नेता नायकत्व प्राप्त नहीं करते

तेजस्वी यादव : विवश और असमर्थ नेता नायकत्व प्राप्त नहीं करते हेमन्त कुमार झा,एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना तेजस्वी यादव...

आजादी

आजादी खाने को, पहनने को, चलने को, सोने को, बतियाने को इस तरह का कोई भी दैनिक काम करने को...

सांप्रदायिक हिंसा, कारपोरेटीकरण व तानाशाही के खिलाफ एकजुट हो-जन अभियान, दिल्ली

सांप्रदायिक हिंसा, कारपोरेटीकरण व तानाशाही के खिलाफ एकजुट हो-जन अभियान, दिल्ली देश में दो तरह के काम बड़ी तेजी से...

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