ROHIT SHARMA

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'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

‘जाति व्यवस्था को तोड़ना असंभव नहीं है’ – प्रो. आनंद तेलतुंबडे

प्रो. आनंद तेलतुंबडे आनंद तेलतुंबडे एक विद्वान और नागरिक अधिकार कार्यकर्ता हैं, जो बी. आर. अंबेडकर पर अपने व्यापक काम...

भूलने की सजा

भूलने की सजा भूलना बहुत आसान है लेकिन याद करना एक संघर्ष है जैसे गहरे कुएं से पानी निकालना याद...

नवनाजी फासिस्ट जेलेंस्की और 31 देशों के फौजी झुंड नाटो का रुस के सामने अघोषित सरेंडर

नवनाजी फासिस्ट जेलेंस्की और 31 देशों के फौजी झुंड नाटो का रुस के सामने अघोषित सरेंडर सर्वहारा के सबसे बड़े...

फरीदाबाद : मालिकों द्वारा मजदूरी मांगने पर मज़दूरों पर हाथ उठाने की एक और वारदात

फरीदाबाद : मालिकों द्वारा मज़दूरों पर हाथ उठाने की एक और वारदात सत्यवीर सिंह इंदरजीत चोपड़ा और विवेक चोपड़ा के...

तुमने कभी…

1 तुमने कभी चौपायों के खुरदुरे खुर से किसी हरी पगडंडी को धूसर नहीं होते हुए पाया होगा जैसे वे...

आरएसएस सांप्रदायिकता के ज़हर और नशे को धर्म और संस्कृति के पर्दे में छिपाकर पेश करता है – हिमांशु कुमार

हिमांशु कुमार दो-तीन दिन पहले एक सज्जन से बातचीत हो रही थी. वे कहने लगे वैसे मैं मोदी समर्थक नहीं...

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