गोदी मीडिया के बाद गोदी सिनेमा ताकि अपनी नफरत को न्यायोचित ठहरा सके
अशफ़ाक़ अहमद 'पठान' की कामयाबी पर कुछ लिखना था, तब नहीं लिखा— क्योंकि अब लिखने का यह सही मौका है....
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
अशफ़ाक़ अहमद 'पठान' की कामयाबी पर कुछ लिखना था, तब नहीं लिखा— क्योंकि अब लिखने का यह सही मौका है....
'यूटोपिया' : यानी इतिहास का नासूर... मनीष आजाद यह फिल्म आस्ट्रेलिया के एक ऐसे नासूर को छूती है जिस पर...
अशफाक अहमद अच्छा पहले मुझे नफरतियों को छोड़ बाकी सबसे प्रेम भी महसूस होता था, दीन-हीन पर दया भी आती...
मणिपुर की आदिवासी जनता के जंगलों-पहाड़ों पर औधोगिक घरानों के कब्जे की तैयारी के खिलाफ मणिपुर की जनता का शानदार...
टेलीफ़ोन की घंटी बजी. मनमोहन पास ही बैठा था. उसने रिसीवर उठाया और कहा, 'हेलो... फ़ोर फ़ोर फ़ोर फाईव सेवन...'...
'मैं उस सोसाइटी की चोली क्या उतारूंगा जो पहले से ही नंगी है. उसे कपड़े पहनाना मेरा काम नहीं है....
प्रधानमंत्री और विदेशमंत्री कहते हैं कि दुनिया में भारत की प्रतिष्ठा बहुत बढ़ी है. किसने एकाएक भारत की प्रतिष्ठा बढ़ा...
दुनिया का पूंजीवादी मीडिया एक ओर नये-नये मनगढ़न्त किस्सों का प्रचार कर मज़दूर वर्ग के महान नेताओं के चरित्र हनन...
अशफाक अहमद जब मुंबई में रहता था तो कुछ वहीं के दोस्त थे, जिनमें दो सांताक्रूज़ में रहते थे. उन...
'तुम्हारा भगवान हर किसी के साथ रासलीला करता फिरता है, एक भगवान है जिसकी बीवी को राक्षस उठा ले जाता...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.