शेर को यह पता है, बस इसलिए शेर चौराहे पर बुलाने से नहीं आता !
शेर को यह पता है, बस इसलिए शेर चौराहे पर बुलाने से नहीं आता ! मनीष सिंह शेर अकेला चलता...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
शेर को यह पता है, बस इसलिए शेर चौराहे पर बुलाने से नहीं आता ! मनीष सिंह शेर अकेला चलता...
फाइनेंशियल टाइम्स ने अपने संपादकीय में भारत में लोकतंत्र के मौजूदा स्वरूप के बारे में चिंता जताते हुए कुछ महत्वपूर्ण...
सुब्रतो चटर्जी अतीक, उसका भाई और बेटा अपराधी थे या आरोपी ? किस अदालत ने उन्हें अपराधी डिक्लेयर किया था...
लहू अब गाता नहीं... लहू अब गाता नहीं सिर्फ रेंगता है चिपचिपा सा रेंगते हुए सड़क पर चिपक जाता है...
तुम्हारे कोमल हथेलियों की छुअन अब तक स्मृति में है मेरे तेरे होंठों की तपन का अहसास है मुझे गुलाबी...
सोता हुआ आदमी शोर नहीं मचाता नारे नहीं लगाता प्रतिवाद की मुठ्ठियां बांधे सड़कों पर नहीं निकलता सोता हुआ आदमी...
'महाराष्ट्र भूषण' पुरस्कार की शुरुआत भी बड़ी विवादित रही है गिरीश मालवीय कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र सरकार ने नवी मुंबई...
मेरी कविता तुम्हें पाने का एक बेसुरा प्रयास भर है कहानियां बनती हैं और खो जाती हैं किरदार बनते हैं...
जनता के साथ मोदी से ज्यादा क्रुर मजाक और कोई कर भी नहीं सकता राम अयोध्या सिंह संघ और भाजपा...
मनीष कश्यप प्रकरण : मीडिया, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून और सांप्रदायिक राजनीति विजय शंकर सिंह बिहार के पत्रकार, मनीष कश्यप पर...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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