वक्त आ गया है साथी…
वक्त आ गया है साथी... वक्त आ गया है साथी हम अब लेनिन और माओ बनें और वैसे ही अपने...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
वक्त आ गया है साथी... वक्त आ गया है साथी हम अब लेनिन और माओ बनें और वैसे ही अपने...
स्स्स... देवतागण सो रहे थे ! जब उस लड़की की उन्होंने काट डाली जीभ ! जलाया था उन लोगों ने...
हिन्दू राष्ट्र में अतीक अहमद के हत्यारों को बचाने की पृष्ठभूमि तैयार हो गई ? तो अब अतीक अहमद के...
कटघरे में खड़े सुकरात... कटघरे में खड़े सुकरात को जब जहर पिलाने का आदेश दिया जा रहा था तो कई...
जम्मू कश्मीर के तत्कालीन राज्यपाल सतपाल मलिक अपने बयान में जो कुछ भी कहें हैं वह कोई नई बात नहीं...
मीडिया वालों, कलम छोड़ दो कट्टे थाम लो....! आभा शुक्ला देखिए मीडिया की डिमांड है कि मुख्तार अंसारी की मई...
डार्विन की युगांतरकारी पुस्तक ‘ऑरिजन ऑफ स्पीसीज’ के प्रकाशन के डेढ़ सौ साल पूरे हो रहे हैं. प्रकाशित होते ही...
आभा शुक्ला मुझे अतीक अहमद से पूरी हमदर्दी है, जी हां हमदर्दी है... क्योंकि अतीक एक सेक्युलर राजनीति के पक्षधर...
चीन की बनी कील भारतीय औद्योगिक विकास पर सवालिया निशान है ! इन कीलों को देख रहे हैं. ये चीन...
निराश नहीं हूं प्रिय न ही है तुमसे शिकायत कुछ ही दिनों में जी लिया पूरा जनम हमने साथ निभाने...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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