ROHIT SHARMA

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'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

समाजवाद और धर्म निरपेक्षता के बहाने संविधान पर हमले क्यों ?

1976 में भारतीय संविधान की प्रस्तावना में ‘समाजवाद’ और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द 42वें संविधान संशोधन के माध्यम से जोड़े गए थे....

कैमूर जनसभा का ऐलान – ‘अपने जल-जंगल-जमीन-आबरू बचाने के लिए संघर्ष का जो भी तरीका अपनाना हो अपनाएंगे’

कैमूर जनसभा का ऐलान - 'अपने जल-जंगल-जमीन-आबरू बचाने के लिए संघर्ष का जो भी तरीका अपनाना हो अपनाएंगे' (तस्वीर -...

कैमूर में आदिवासी महिला की हत्या और बलात्कार के खिलाफ आंदोलन तेज

विनोद शंकर कैमूर की पहाड़ियों में आदिवासी महिला के साथ वन विभाग के पुलिसिया गिरोहों द्वारा सामूहिक बलात्कार और हत्या...

विश्व समाजवादी क्रांति के नेता, सीपीपी के संस्थापक चेयरमैन कामरेड जोस मारियो सिसान अमर रहें – सीपीआई (माओवादी)

विश्व समाजवादी क्रांति के नेता, सीपीपी के संस्थापक चेयरमैन कामरेड जोस मारियो सिसान अमर रहें - सीपीआई (माओवादी) भारत की...

लोक और तंत्र

दस हज़ार का कर्ज़किसान सेआत्महत्या करवाता है एक हज़ार रुपए का कर्ज़आदिवासी कापरिवार बिकवाता है दस हज़ार करोड़और उससे अधिक...

राजनीति कठोर यथार्थ की दुनिया है इसलिए व्यक्ति समाज से बड़ा नहीं हो सकता

सुब्रतो चटर्जी ट्रेजेडी को परिभाषित करते हुए अरस्तू ने कहा था कि ट्रैजिक हीरो में एक ट्रैजिक फ्लॉ या चरित्रगत...

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