बेशुमार गिरे हुए बेहिस बेहया लोग
मैं ढूंढना चाहता था इस पृथ्वी पर बेशुमार गिरे हुए बेहिस बेहया लोगों के बीच अपने लिए भी गिरने की...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
मैं ढूंढना चाहता था इस पृथ्वी पर बेशुमार गिरे हुए बेहिस बेहया लोगों के बीच अपने लिए भी गिरने की...
मार्क्सवाद की आड़ में शिखंडीवाद कुछ लोग सच में इतने बड़े 'धूर्त मासूम' होते हैं कि अपने दुराग्रहों के लिए...
यह किताबों को कंठस्थ करने का समय है क्योंकि किताबों को जलाने का आदेश कभी भी आ सकता है. तानाशाह...
पुस्तक - 'हिस्टीरिया' : जीवन से बतियाती कहानियां लेखिका - सविता पाठक बचपन में मैंने कुएं में गिरी बाल्टियों को...
पर्यावरण में बदलाव से 'चिंतित' मोदी पेरिस में किसे बेवकूफ बना रहे हैं ? हिमांशु कुमार सुना है मोदी जी...
असंख्य कहानियां बुनी जा रही हैं मेरे इर्द-गिर्द कुछ ज्ञात और कुछ अज्ञात लिपियों में ज्ञात लिपियों के निश्चित चेहरे...
शकील अख्तर भारतीय मुसलमानों के लिए यह सोचने का समय है. जिस वक्त दुनिया के सबसे कट्टर देश ईरान में...
जेएनयू की दीवार पर संघी नारा, संघी सांप्रदायिकता का घिनौना खेल राम अयोध्या सिंह अभी हाल में ही जेएनयू कैंपस...
हां सही कह रहे हो तुम रवीश कुमार ! हिटलर सिर्फ़ हिटलर में नहीं होता हिटलर सिर्फ़ जर्मनी में नहीं...
चोर इन दिनों चोरों से हलकान रहता हूं. मोबाइल पर किसी को फ़ोन लगाऊं तो सबसे पहले पनामा पेपर चोर...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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