ROHIT SHARMA

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'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

अनकही

बातों के गलियारों से निकल कर जब मैं पहुंचता हूं तुम्हारे अघोर वृष्टि वन में बने कुटिया तक अचानक बदल...

मोदी का बद्रीनाथ दर्शन की प्रौपेगैंडा शैली हिटलर के प्रचार शैली का अंधानुकरण है

मोदी का बद्रीनाथ दर्शन की प्रौपेगैंडा शैली हिटलर के प्रचार शैली का अंधानुकरण है 'देश में जब ऐसी आर्थिक दशा...

‘एकात्म मानववाद’ का ‘डिस्टोपिया’ : राजसत्ता के नकारात्मक विकास की प्रवृत्तियां यानी फासीवादी ब्राह्मणवादी राष्ट्रवाद

अक्टूबर 2017 में यह लेख राजकिशोर सम्पादित 'रविवार डाइजेस्ट' के मेरे उस समय के नियमित स्तम्भ 'जंतर मंतर' के लिए...

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