हमने प्रकृति, समाज और विज्ञान हर चीज को बदला है और आगे भी बदलते रहेंगे
हमने प्रकृति, समाज और विज्ञान हर चीज को बदला है और आगे भी बदलते रहेंगे (फोटो, डॉ. स्वांते पेबो का...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
हमने प्रकृति, समाज और विज्ञान हर चीज को बदला है और आगे भी बदलते रहेंगे (फोटो, डॉ. स्वांते पेबो का...
'छावा' : हिंदुओं की 'हीनता बोध' पर नमक मलने की कहानी मनीष आज़ाद 14 फरवरी को विकी कौशल अभिनीत फिल्म...
संभव है कि जेलेंस्की की हालिया बगावत महज़ स्क्रिप्टेड ड्रामा हो जेलेंस्की की तथाकथित हिम्मत को अगर गहराई से देखें,...
कितना सम्भव है तीसरा विश्वयुद्ध…क्या होंगे भारत के दांव ? पहला विश्वयुद्ध इसलिए हुआ था, क्योंकि देशों की सीमाओं का...
कृष्णन अय्यर ट्रंप अमेरिका और मोदी को लगातार निशाने पर रखे हैं. नया बम्बू आया है. पहले तो ईरान के...
नवमीत नव चीनी और जापानी बौद्ध धर्म में एक देवता है जिसका नाम है - ‘महेश्वर’. बौद्ध परम्परा के अनुसार...
आभाषी अमीरी गरीबी है कहां गरीबी का मूल्य पांच किलो अनाज मनरेगा किसान योजना में छह हजार रुपए खैरात के...
सरकार और समाज दोनों में एक स्थाई कॉन्फ्लिक्ट है (चित्र- बेस्टिल का पतन) सरकार और समाज दोनों में एक स्थाई...
हिंदी-उर्दू विवाद: ‘फूट डालो, राज करो’ का एक और प्रयास संघियों का शगल है नफ़रत पैदा करने के लिए नये...
चिता की अग्नि से सर्द मौसम में गर्मी ले रहे श्वान को पाप-पुण्य (भला-बुरा) स्वच्छता-गंदगी का कोई ख्याल नहीं रहता...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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