ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

कठफोड़वा

कठफोड़वा की चोंच का एक प्रहार और अनार की छाती से बहता रक्त पूरब में फैलता मां के कलछुल से...

समय

कविता के लिए यह कठिन समय है जो समय आदमी के लिए जितना कठिन होगा वह समय कविता के लिए...

जवाहरलाल नेहरू : देश की अर्थव्यवस्था की बुनियाद रखने वाले बेजोड़ शिल्पी, एक लेखक के रूप में

विजय शंकर सिंह जवाहरलाल नेहरू अगर प्रधानमंत्री न होते, तो भी यह विश्व उन्हें एक महान लेखक के रूप में...

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