हिंदी दिवस पर विशेष : आदम से आदमी होने तक
कितना अच्छा होता मेरे लफ़्ज़ों में न कोई चाल होती न कारोबारी लफ्फ़ाज़ी न नफा़ नुक़सान का कोई शऊर कोई...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
कितना अच्छा होता मेरे लफ़्ज़ों में न कोई चाल होती न कारोबारी लफ्फ़ाज़ी न नफा़ नुक़सान का कोई शऊर कोई...
रविश कुमार 'इसी मिजाज से भारत सरकार एक योजना लाई. वो योजना यह है कि देश की दस प्राइवेट यूनिवर्सिटी...
अंग्रेज़ों की वैज्ञानिक और आधुनिक देन से इन्कार नहीं, पर भारत के खाते कमाते गांवों और किसानों को भूखा नंगा...
सहमत हो नहीं हो हां में हां मिलाओ माताओं को पूछो न पूछो बंदे मातरम् खूब बोलो भारत को मानो...
यह तो हर कोई जानता है कि मोदी जी शेर हैंं ऐसे-वैसे नहीं, बब्बर शेर हैं जिनका छप्पन इंच का...
कृष्ण कांत न्यूजलॉन्ड्री और न्यूजक्लिक पर आयकर विभाग ने छापा मारा. ये छापा क्यों मारा गया, ये आयकर विभाग को...
पिछले पखवाड़े न दशहरा था न रामनवमी मगर पूरी हिंदी पट्टी में जैश्रीराम के ललकारों की बहार सी आयी पड़ी...
अभी तक कम से कम पांच लाख 'गरीबों के मसीहा' हो चुके होंगे. चक्रवर्ती सम्राट को पांच लाख एकवां मान...
रविश कुमार, अन्तराष्ट्रीय पत्रकार जब ख़बर में झूठ चल सकता है तो विज्ञापन में झूठ क्यों नहीं चल सकता ?...
जन अभियान, बिहार (9 घटक संगठन - जनमुक्ति संघर्ष वाहिनी, नागरिक अधिकार रक्षा मंच, सर्वहारा जन मोर्चा, जनवादी लोक मंच,...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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