सफाई कर्मी
तुम हमारी परछाई से भी दूर रहते हो इस डर से की कहीं हम गलती से भी छू न ले...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
तुम हमारी परछाई से भी दूर रहते हो इस डर से की कहीं हम गलती से भी छू न ले...
कक्षा पांचवीं तक हिन्दी भाषा मेरे लिए उतना ही अजनबी भाषा थी जितनी आज मेरे लिए अंग्रेजी भाषा है. उस...
कभी-कभी माथा पकड़ लेता हूं. भाई इस देश में क्या चल रहा है? जनता भी उसी भेड़चाल में बस...
एक गांव है. उस गांव के एक व्यक्ति के खिलाफ किसी शिकायत पर कुछ सरकारी कर्मचारी उसे तलब करने उसके...
रविश कुमार, अन्तराष्ट्रीय पत्रकार यह विश्वविद्यालय आधा से अधिक बंद ही हो चुका है. जब आधा से अधिक बंद होने...
श कहते हैं बाल नरेंदर में बचपन से ही विलक्षण प्रतिभा थी. एक बार वे खेलते कूदते तालाब के तरफ...
तुम कुछ भी कहो छेदी लाल, तुम्हारे क़िस्से में बहुत छेद है बाढ़ का पानी उतरा तो पता चला क्या...
शकील अख्तर उत्तर प्रदेश में किसी का सफर आसान नहीं है. क्रिकेट की भाषा में कहें तो मैच फंसा हुआ...
पं. सुन्दरलाल (जन्म – 26 सितम्बर, 1886; मृत्यु – 8 मई, 1981) पं. सुन्दरलाल महान देशभक्त और स्वतंत्रता सेनानी तथा गांधीवादी...
कितना अच्छा होता मेरे लफ़्ज़ों में न कोई चाल होती न कारोबारी लफ्फ़ाज़ी न नफा़ नुक़सान का कोई शऊर कोई...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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