हमारे निगरां
झूठ इतना विस्तारित है कि ढ़कने की चादर छोटी पड़ रही है ईत्र का छिड़काव बेअसर है दुर्गंध कुछ ऐसी...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
झूठ इतना विस्तारित है कि ढ़कने की चादर छोटी पड़ रही है ईत्र का छिड़काव बेअसर है दुर्गंध कुछ ऐसी...
अरुंधति रॉय, भारतीय उपन्यासकार और निबंधकार हमें एक सरकार की जरूरत है. बहुत ही ज्यादा जरूरत है, क्योंकि हमारे पास कोई...
आज सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली, निजी एम्बुलेंस वालों की लूट, मौत के आलम तथा मध्यवर्ग की बेरुखी, इन सबको...
मसीहा श्रीनिवास बनाम नफरती संघी चिंटु तेजस्वी सूर्या महामारी में मसीहा बन चुके बी वी श्रीनिवास भी कर्नाटक से हैं...
रूसी अनुभवसिद्ध आलोचकों और उनके विदेशी गुरूओं की समुचित आलोचना करने के बाद, लेनिन ने दार्शनिक और सैद्धांतिक संशोधनवाद के...
यह जंगल क्षेत्र है खूंखार जानवरों से इलाका अटा पड़ा है सम्हल कर रहना है संसद का दरवाजा अंदर ठीक...
कोरोना है तो है आप पहले चुनाव प्रचार कर लिजिए कोरोना है तो है कुर्सी किसी हाल हासिल होनी है...
पं. किशन गोलछा जैन, ज्योतिष, वास्तु और तंत्र-मंत्र-यन्त्र विशेषज्ञ मुख्य चुनाव आयुक्त महाशय, कारण प्रकट होने पर जो समस्या का...
कृष्णन अय्यर भारत में आत्मनिर्भरता का अर्थ है : सारी सरकारी सम्पत्ति बेच दो. इसके लॉजिक भी मूर्खतापूर्ण है :...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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