ROHIT SHARMA

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'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

वर्तमान किसान संघर्ष के साथ बिहार के ग्रामीण मजदूरों का एकजुटता संदेश

प्रतिक्रियावादी फासिस्ट मोदी सरकार और उसके पालतू मीडिया घरानों समेत अन्य तमाम संवैधानिक संस्थाओं के तमाम कुचक्रों, षड्यंत्रों और हमलों...

ये बचाएंगे

निजाम ने खरीद लिए कुछ सियार कि ये बचाएंगे ऊंंची आवाज में जब हुआंं हुआंं करेंगे तो भय से दुबक...

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