भारत का संविधान: आज की तारीख में केवल एक शब्द बन गया है
यह है भारत के संविधान की प्रस्तावना, जिसे तत्कालीन मनीषियों ने शब्दों में पिरोया था, जिसपर भारत की तमाम संवैधानिक...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
यह है भारत के संविधान की प्रस्तावना, जिसे तत्कालीन मनीषियों ने शब्दों में पिरोया था, जिसपर भारत की तमाम संवैधानिक...
प्रतिक्रियावादी फासिस्ट मोदी सरकार और उसके पालतू मीडिया घरानों समेत अन्य तमाम संवैधानिक संस्थाओं के तमाम कुचक्रों, षड्यंत्रों और हमलों...
किसानों के 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली में ट्रैक्टर परेड की घोषणा काफी पहले कर दिये...
भारत किसानों का देश हैं, यह बात मौजूदा जारी किसान आन्दोलन ने पूरी ताकत से स्थापित कर दिया है. शासक...
याद है ? सीरिया का वो तीन साल का बालक बम से बूरी तरह घायल मरने से पहले कहा था...
वे चल पड़े हैं दिल्ली को, उन्होंने चलना सीख लिया है..! जो घर में अब तक बैठे थे, उन्होंने लड़ना...
पंजाब के एक किसान ने निशान साहिब क्या फहरा दिया कि जो दलाल मीडिया पिछले 60 दिनों से किसान आंदोलन...
सुब्रतो चटर्जी सवाल ये नहीं है कि क्यों किसानों का एक जत्था अपना आपा खो बैठा ? सवाल ये है...
निजाम ने खरीद लिए कुछ सियार कि ये बचाएंगे ऊंंची आवाज में जब हुआंं हुआंं करेंगे तो भय से दुबक...
गिरीश मालवीय जब से मोदी सत्ता में आए हैं, देश में अडानी-अम्बानी जैसे उद्योगपति साल दर साल अमीर पर अमीर...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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