ROHIT SHARMA

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'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

‘यदि नेशनलाइज बैंकों का आपस में मर्जर ‘मर्डर’ है तो ग्रामीण बैंकों का मर्जर अच्छा कैसे है ?’ – मिथुन कुमार, अरेबिया

'यदि नेशनलाइज बैंकों का आपस में मर्जर 'मर्डर' है तो ग्रामीण बैंकों का मर्जर अच्छा कैसे है ?' - मिथुन...

उत्तर कोरिया में बाढ़ पीड़ितों के प्रति सरकार की जिम्मेदारी और पश्चिमी मीडिया का दुश्प्रचार

उत्तर कोरिया में बाढ़ पीड़ितों के प्रति सरकार की जिम्मेदारी और पश्चिमी मीडिया का दुश्प्रचार इन दिनों ब्लूमबर्ग, इंडिपेंडेंट और...

यदि आप संविधान, कानून, इंसानियत, लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं तो आप नक्सलवादी और माओवादी हैं !

हिमांशु कुमार नरेंद्र मोदी ने हरियाणा चुनाव में भाषण देते हुए कहा है कि कांग्रेस अर्बन नक्सल पार्टी है. इसका...

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