ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

खुदाई

खुदाई जुलूस निकलने के बाद गली में सन्नाटा था. पत्थरों से पूरी गली पट गयी थी. पत्थर खून से सने...

रूस-यूक्रेन युद्ध से सीखे गए सबक को अमेरिकी सेना के सिद्धांत में शामिल करने का एक दृष्टिकोण

सारांश : यह लेख नवंबर 2024 में ऑनलाइन प्रकाशित एक विशेष रिपोर्ट पर आधारित है, जो रूस-यूक्रेन युद्ध से सीखे...

कमलेश

कमलेश राम लाल पेशे से कुम्हार था. दिन भर मेहनत करके बमुश्किल अपने बीवी बच्चों को खाना नसीब करवा पाता...

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