ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

संविधान में धर्म और संस्कृति

कनक तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ धर्म और संस्कृति पर्यायवाची नहीं हैं, हालांकि उनकी अभिव्यक्ति में अंतर-स्वतंत्र और हस्तक्षेप...

किसान

तुम किसानों को सड़कों पे ले आए हो अब ये सैलाब हैं और तिनकों से रूकते नहीं ये जो सड़कों...

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