फकीरचंद का परिवारवाद
इससे बड़ा प्रहसन और क्या होगा कि एक हट्ठा-कट्ठा जवान व्यक्ति जो 35 साल तक भीख मांग कर अपना पेट...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
इससे बड़ा प्रहसन और क्या होगा कि एक हट्ठा-कट्ठा जवान व्यक्ति जो 35 साल तक भीख मांग कर अपना पेट...
तलवार मुसलमानों पर ही नहीं है तलवार दलितों पर ही नहीं है तलवार बस्तर के जंगल पर ही नहीं है...
यह बेहद हैरतअंगेज है कि मोदी सरकार के जिस किसान विरोधी कानून के खिलाफ करोड़ों किसान लगातार दिल्ली का घेराव...
यह मेरा देश है… हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक फैला हुआ जली हुई मिट्टी का ढेर है जहांं हर...
हिमांशु कुमार, गांधीवादी कार्यकर्ता रात को मैंने अपनी बेटी को मानव अधिकारों के बारे में समझाया, वह मैं आपके साथ...
खबर सिर्फ इतनी नहीं है कि 1948 में टिहरी गढ़वाल के काफलपानी गांव में वह पैदा हुआ था, पढ़ाई- लिखाई...
सवाल है किसान क्या अंबानी-अडानी से लड़ पाएंंगे ? जवाब है बिल्कुल और पूरी तरह सेे लड़ सकेंगे. अंबानी-अदानी जैसे दलाल...
रफीक आजाद बांग्लादेश के कवि 'रफ़ीक़ आज़ाद' की मूल रूप से बांग्ला भाषा में लिखी 'भात दे हरामी.' यह कविता...
गिरीश मालवीय कोई पूछ नही रहा है कि रेलवे आखिर रेगुलर ट्रेन वापस कब चलाएगा ? पूरे 10 महीने होने...
गिरीश मालवीय अब लगभग यह तय हो गया है कि सरकार किसान बिल को लेकर अपना रुख बदलने वाली नहीं...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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