ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

छिनाल

'हट छिनाल, ऐसे क्या देख रही है ?' बत्तीस वर्षीय मोना को अपनी हमउम्र कामवाली सरिता का उसकी तरफ़ तिरछी...

लव जिहाद : हमें बहुत छोटा क्यों बनाया जा रहा है ?

कनक तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ भारतीय जीवन में अब चीनी हमला- घुसपैठ, कोरोना का आक्रमण, महंगाई, भ्रष्टाचार, दलबदल,...

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