हिसाब
उधर से इधर कोई नहीं आया इधर से उधर कोई नहीं गया हम वहीं हैं जहां कल थे वो वहीं...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
उधर से इधर कोई नहीं आया इधर से उधर कोई नहीं गया हम वहीं हैं जहां कल थे वो वहीं...
जेएनयू में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद की मूर्ति का अनावरण किया. जेएनयू में विवेकानन्द पर कुछ इस तरह की बातें...
शिक्षा के व्यवसायीकरण के खिलाफ आसान नहीं है लड़ाई. आज की तारीख में यह मुद्दा और अधिक प्रासंगिक हो गया...
कोरोना एक राजनीतिक महामारी है. जिसका सबसे ज्यादा फायदा तानाशाही चलाने वाली सरकारों ने उठाया है. चुनावी रैलियों में हजारों की...
6 नवम्बर, 1992 से भारत में लुंपेन संस्कृति का आगाज हुआ. आईये, लुंपेन भारत में आपका स्वागत है. सुब्रतो चटर्ची...
आदिवासी दिवस पर आदिवासी क्रांतिकारी ऊलगुलान के जननायक बिरसा मुंडा की याद में. उन्हें आदिवासी के बदले कई नए शब्दों...
किशोरी तुम्हारी गाल पर उगे मुंंहासे नव ग्रह हैं या अंधकार की असीम कोख में पलते सितारे तुम्हें कभी नहीं...
हिमांशु कुमार, प्रसिद्ध गांधीवादी हमारी एक मित्र अभी क्यूबा में पर्यावरण बचाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं की एक बैठक में भाग...
आवारा लड़के आवारा लड़कियों के पीछा करते हैं आवारा लड़के लड़कियां नामुराद होकर दफ़्तरों के चक्कर लगाते हैं नौकरी की...
कनक तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ सवाल फुफकार रहा है. देश केवल मुट्ठी भर नेताओं, उद्योगपतियों, न्यायाधीशों, नौकरशाहों और...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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