दिल्ली के दंगे और उसकी चुनौतियों को याद रखा जाना चाहिए
दिल्ली में गुजरात मॉडल को एक बार फिर दुहराया गया और दबे-कुचले आंकड़ों के बाद भी मरने वालों की तादाद...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
दिल्ली में गुजरात मॉडल को एक बार फिर दुहराया गया और दबे-कुचले आंकड़ों के बाद भी मरने वालों की तादाद...
गुरूचरण सिंह दुनिया के ताकतवर मुल्क भी अपनी बेकार की दुश्मनी खत्म करने की कोशिश करते हैं, जैसे ट्रंप ने...
गिरीश मालवीय, पत्रकार आखिर यस बैंक इस बुरी स्थिति में कैसे पहुंच गया कि खाताधारकों के पैसे निकालने पर रोक...
जब मैंने मुस्लिम महिला का गर्भ चीर कर उसे तलवार की नोक पर उछाला, तो मुझे लगा मैं ही महाराणा...
'देश नही बिकने दूंगा' कहने वालो ने आज उन 28 सरकारी कंपनियों की लिस्ट जारी की है, जिसे वह बेचने...
गिरीश मालवीय, पत्रकार कल आर्थिक जगत से दो खबरें आईं है जो भारत के बिगड़ते आर्थिक हालात की सही तस्वीर...
1. जितने हिंदू मरेंगे उतना बीजेपी को फायदा होगा क्योंकि उससे हिंदू डरकर बीजेपी को वोट देंगे. आईबी अधिकारी अंकित...
बल्ली सिंह चीमा, वीरेन डंगवाल और प्रियदर्शन की कविताओं में अहंकारी सत्ता के प्रतिरोध का स्वर असम के नागरिकता आंदोलन...
नकली राष्ट्रवाद का ऐसा बाजार चढ़ा है कि लोगों में अपने को राष्ट्रभक्त दिखाने की होड़ लग गई है. कोई...
आजादी के वाद 1984 के दंगों को छोड़ दें तो दिल्ली में दंगों का इतिहास नहीं रहा है. उस दंगे...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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