अतीत में महान होने के नशे में डूब जाना गुलामी का रास्ता खोलता है
हिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ता भारत को अतीत-जीवी बनाने में इसकी गुलामी का बहुत बड़ा हाथ है. गुलामी से जो हीन भावना...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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पहली फोटो में आप एक हंसती-खिलखिलाती हुई लड़की को अपनी मां के साथ देख रहे हैं लेकिन ठीक वही लड़की...
विनय ओसवाल, वरिष्ठ पत्रकार 1952 में हुए पहले मतदान से लेकर कुल 16 बार हो चुके लोकसभा के चुनाव में...
शादाब सलीम, अधिवक्ता, इंदौर 'हिन्दू जाग गया है' यह जुमला नहीं है बल्कि यह बड़ी सार्थक बात है. किसी ज़माने...
प्रियंका ओम, विश्व प्रसिद्ध लेखिका, तंजानिया यहांं (तंज़ानिया ) के राष्ट्रपति (यहांं प्रधानमंत्री नहीं होते) को भारत की तरह...
कम्युनिस्ट क्रांतिकारी, प्रगतिशील इसलिए कहलाता है कि वह भविष्य के सपने देखता है और वर्तमान को बदलने के लिए तमाम...
रविश कुमार 23 मई, 2019 के दिन जब नतीजे आ रहे थे, मेरे व्हाट्सएप पर तीन तरह के मैसेज आ...
प्रधानमंत्री बनने के बाद 5 सितंबर, 2014 को मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देश भर के स्कूली बच्चों से सवाल-जवाब...
कल लोकतंत्र के उत्सव का सबसे महत्वपूर्ण दिन है ! इधर तमाम चैनल हिंसा की संभावनाओं की चर्चा भी कर...
चुनाव आयोग ने चुनाव के नाम पर 7 चरणों वाली चारणगीत की जो पटकथा लिखी, वह दल्लों के इतिहास की...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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