ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

अतीत में महान होने के नशे में डूब जाना गुलामी का रास्ता खोलता है

हिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ता भारत को अतीत-जीवी बनाने में इसकी गुलामी का बहुत बड़ा हाथ है. गुलामी से जो हीन भावना...

तंजानिया : अमीरों के लिये मुश्किल और ग़रीबों के लिये सुविधा

  प्रियंका ओम, विश्व प्रसिद्ध लेखिका, तंजानिया यहांं (तंज़ानिया ) के राष्ट्रपति (यहांं प्रधानमंत्री नहीं होते) को भारत की तरह...

Page 452 of 521 1 451 452 453 521

Recommended

Don't miss it