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Home गेस्ट ब्लॉग

तंजानिया : अमीरों के लिये मुश्किल और ग़रीबों के लिये सुविधा

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
May 28, 2019
in गेस्ट ब्लॉग
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तंजानिया : अमीरों के लिये मुश्किल और ग़रीबों के लिये सुविधा

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Priyanka omप्रियंका ओम, विश्व प्रसिद्ध लेखिका, तंजानिया

यहांं (तंज़ानिया ) के राष्ट्रपति (यहांं प्रधानमंत्री नहीं होते) को भारत की तरह राजनीति करनी नहीं आती. ये भी बहुमत से आये थे, जैसे इस बार मोदी जी आए हैं. आते ही राष्ट्रपति ने सभी MPs के पूरे एक साल की विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया और उस बजट से एक बहुत ज़रूरी इंटरसिटी पुल का निर्माण किया. ख़ुद किसी विदेश यात्रा पर नहीं गये. मोदी जी भी आए थे तो उनके पास बहुत समय नहीं था, जल्दी चले गये थे. बाक़ी के लोग उनके साथ फ़ोटो निकलवाते रहे, सोशल मीडिया पर लगाते रहे.

राष्ट्रपति को राजनीति करनी नहीं आती. हम प्रवासियों का तो ज़रा भी ख़याल नहीं रखते. पाकिस्तान-भारत से आने वाला चावल बंद करवा दिया. यहांं चावल की खेती होती है, जो बेस्ट चावल है. वह थोड़ी मोटी और बहुत मीठी होती है, बहुत सुगंधित. हालांंकि मैं इंडिया गेट के अलावा कोई दूसरा चावल नहीं खाती तो मेरी मुश्किलें बढ़ गई है. चावल के अतिरिक्त अन्य सभी चीज़ों के आयात पर भी सख़्ती है, टैक्स बढ़ा दिया गया है. आयात-निर्यात का व्यवसाय करने वाले asian की मुश्किलें बढ़ गई है.

सच कहती हूंं इन चार सालों में रोज़ डेवलपमेंट देखने को मिलता है, लेकिन हमारी लाइफ़ मुश्किल हो गई है.




मैं फिर कहती हूंं इस आदमी को राजनीति नहीं आती. इसने लोकल निवासियों का खाना, शिक्षा और दवाई बहुत सस्ती कर दी है. इस देश के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल में अधिकांश गोरे डॉक्टर हैं, जहांं इलाज लगभग मुफ़्त में होता है और दवाइयांं भी बहुत सस्ती उपलब्ध है लेकिन हम प्रवासियों के लिये नहीं क्योंकि प्रवासी अमीर होते हैं, डॉलर कमाते हैं, ऐसा इस सरकार का मानना है.




इस सरकार ने आते ही हज़ार डॉलर तक कमाने वाले लगभग पांंच-सौ लोगों को उनके देश depot कर दिया और वहांं उनकी जगह अपने लोगों को लगवाया.

राष्ट्रपति आये दिन बाज़ार में दिख जाते हैं. कई बार पहचानना मुश्किल होता है, इतना ही सादा पहनावा और रख रखाव होता है.

इस देश के लोकल लोग दो वर्ग के हैं मुस्लिम और क्रिस्चियन (asian और प्रवासियों को छोड़कर), लेकिन सरकार ने धर्म और समुदाय पर कभी एक शब्द भी नहीं कहा. इस आदमी को राजनीति करनी नहीं आती. इसने asian (विदेशी मूल के तंजानियन पासपोर्ट धारक) और प्रवासी (जो कांट्रैक्ट पर आते हैं) की मुश्किलें बढ़ा दी है और अपने लोगों के लिये सब आसान कर दिया है.

दूसरे शब्दों में, अमीरों के लिये मुश्किल और ग़रीबों के लिये सुविधा मुहैया कराया है.

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Tags: तंजानियाप्रियंका ओम
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