ROHIT SHARMA

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'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

भाजपा नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय का पीएम मोदी को पत्र

काला धन यानि भ्रष्टाचार को मोहरा बनाकर केन्द्र की सत्ता में आई भारतीय जनता पार्टी 5 साल पूरा होते-होते आज...

राजनैतिक नियोग : बचे 77 दिन में विकास पैदा हो जाये तो आश्चर्य मत कीजियेगा !

भैया ये नियोग का मतलब समझे क्या ? वो ऐसा है कि वैदिक साहित्य, शास्त्रों और धार्मिक ग्रंथों के पितृसत्तात्मक पुरुषवादी...

जब सरकार न्याय और सच्चाई की बातें बनाती है तो मैं चुपचाप मुस्कुरा कर चुप हो जाता हूं-हिमांशु कुमार

आज जब सरकार न्याय और सच्चाई की बातें बनाती है तो मैं चुपचाप मुस्कुरा कर चुप हो जाता हूं क्योंकि...

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