Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

खुश रहना अच्छा है पर खुशफहमी में रहना नहीं

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
January 18, 2019
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

विश्व के टॉप 4000 वैज्ञानिकों में सिर्फ 10 भारतीय हैं. यह कहना है clarivate Analytics का जिसने ग्लोबल लेवल पर most influential researchers की लिस्ट तैयार की है. 130 करोड़ लोगों के देश से सिर्फ 10 वैज्ञानिक ! ऐसा क्यों ?

यूं तो हमसब IITs, IIsc बंगलुरु, JNU इत्यादि की शेखी बघारते नहीं थकते. पर सच्चाई खुल जाती है जब विश्व स्तर पर तुलना होती है.

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

अकेले USA से 2639 नाम हैं, और उसमें भी सिर्फ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से 186 नाम. मतलब सिर्फ एक विश्वविद्यालय में समूचे भारत से ज्यादा वैज्ञानिक हैं. जो चीन 15 वर्ष पहले भारत के लेवल में था वहां से भी 482 नाम इस सूची में हैं. भारत से ये 10 नाम भी नहीं होते यदि cross field नाम से एक अतिरिक्त कैटगरी शामिल न की गई होती.

क्या सोच रहे हैं ? अब भी यथार्थ के धरातल पर उतर कर सोचना है और कुछ करना है या वही पुरानी खुशफहमी में जीना है … कि हमी बेस्ट हैं, हमारी ताकत, हमारी सेना, हमारी शैक्षणिक संस्थाएं, हमारे वैज्ञानिक.

दुनिया लगातार आगे निकलती जा रही है और हम हैं कि खुशफहमी छोड़ने को तैयार नहीं. कब तक दुनिया को कॉपी करते रहेंगे. विज्ञान, खेल, साहित्य या सेना हमें इनोवेटिव-इंवेंटिवे बनना होगा और जो ऐसे कार्यों में लगे हैं उन्हें न सिर्फ प्रोत्साहित बल्कि उन्हें असफल होने पर एक सुरक्षित जीवन की गारंटी भी सुनिश्चित करनी होगी. साथ ही आमलोगों को दिन-रात राजनीति के अधकचरे समाचारों से बाहर निकलकर, दुनिया में क्या हो रहा है उसकी भी खबर प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए. हमें खुद को बेस्ट न मानकर अपनी तुलना सिर्फ अपने बीच नहीं, दुनिया के साथ करनी चाहिए, निरन्तर करनी चाहिए, निष्पक्षता से करनी चाहिए और उसी मुताबिक स्वयं को अपग्रेड करते रहना चाहिए . याद रखिये की खुश रहना अच्छा है पर खुशफहमी में रहना नहीं.

  • सुनील कुमार सिंक्रेटिक




Read Also –

 



[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Previous Post

झूठ के आसमान में रफाल की कीमतों का उड़ता सच – द हिन्दू की रिपोर्ट

Next Post

इस देश के लोकतंत्र और न्यायतंत्र की परीक्षा

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

इस देश के लोकतंत्र और न्यायतंत्र की परीक्षा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

सत्येंद्र जैन पर भाजपा द्वारा प्रायोजित मसखरे सीबीआई के रेड का सच

June 20, 2017

माओवादियों के खिलाफ युद्ध का ऐलान कर रहे कॉरपोरेट घरानों के भाड़े के कारिंदों का खूंखार चेहरा

January 27, 2025

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.