ROHIT SHARMA

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'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

बनारस, गंगा घाट के पंडों-ठगों का अड्डा नहीं, क्रांतिकारियों की कर्मभूमि है

बनारस, गंगा घाट के पंडों-ठगों का अड्डा नहीं, क्रांतिकारियों की कर्मभूमि है अंग्रेज़ औपनिवेशिक लुटेरों से आज़ादी मिलने के बाद...

मनुष्यता

मनुष्यता मनुष्य के लिए भूख जितनी जरूरी है उतना ही जरूरी है अवसर की समानता उतनी ही ज़रूरी है प्रत्येक...

अमेरिकी युद्धोन्माद की भेंट चढ़ता अमरीकी साम्राज्यवाद

अमेरिकी युद्धोन्माद की भेंट चढ़ता अमरीकी साम्राज्यवाद | न्यूयार्क - वाशिंगटन डीसी के बेहद करीब रूसी न्यूक्लियर सबमरीन की मौजूदगी...

ग्लानि बोध

ग्लानि बोध उसने कहा था मैं तुम्हें एक चेहरा दूंगा और मैं उसकी उंगलियां पकड़े चला आया इस मेले में...

रूदाली

रूदाली रूदाली, हमने दस साल की उम्र में देखी थी. ब्लैक एन ह्वाइट टीवी पर. समझ में नहीं आयी थी....

सेंगोल

सेंगोल राम कोई इतिहास पुरुष नहीं प्रतिकात्मक रूप में भारतीय सामंती वर्णवादी मर्दवादी सत्ता का घमंड है राम निर्बल का...

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