ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

धुंध बहुत गहरी है

हेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना धुंध बहुत गहरी है. समझ में नहीं आ रहा कि नरेंद्र मोदी...

आदमी

आदमी बुन लेता है सपने बना लेता है घरौंदा तोड़ देता है कई दिवारें बनाते हुए अपने इर्द-गिर्द कई दिवारें...

कैसे आरएसएस की पाठ्यपुस्तकें मोदी के नेतृत्व में भारतीय इतिहास और विज्ञान बदल रही हैं

भाजपा के धुर दक्षिणपंथी वैचारिक गुरु द्वारा संचालित स्कूलों की श्रृंखला ने पाठ्यक्रम में सरकारी बदलावों के लिए एक प्रयोगशाला...

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