ROHIT SHARMA

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'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

‘आज़ाद था, आज़ाद हूं, आज़ाद हीं रहूंगा’ – HSRA के ‘कमांडर इन चीफ’ चंद्रशेखर आज़ाद

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केके बनाम केके : शिक्षा एक संवेदनशील मसला है, फैक्ट्री के कामगारों और विद्यालय के शिक्षकों में अंतर समझने की जरूरत है

हेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना आज से पंद्रह-सोलह वर्ष पहले, संभवतः 2007 के दौरान बिहार में एक...

कांग्रेस और भाजपा, अदाणी का मुनाफ़ा बढ़ाने के लिए हसदेव जंगल को तबाह कर रही है

कांग्रेस और भाजपा, अदाणी का मुनाफ़ा बढ़ाने के लिए हसदेव जंगल को तबाह कर रही है हसदेव अरण्य जंगल छत्तीसगढ़...

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