ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

…पर जब अनाज खरीदते हो तो किसान का एहसान लेते हो, और तुम अहसानफरामोश हो

मैं दूध खरीदता हूं, भुगतान करता हूं, दूधवाले का एहसान नहीं लेता. कपड़े खरीदता हूं, भुगतान करता हूं, कपड़े वाले...

किसान आंदोलन को जालियांवाला बाग की तरह खून में डूबो दिया है मोदी सत्ता ने

23 वर्षीय किसान आंदोलनकारी शुभकरण सिंह, जिनकी हत्या मोदी सत्ता ने गोली मारकर कर दी नरेन्द्र मोदी की सरकार कॉरपोरेट...

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