Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

भारत-चीन-पाकिस्तान सीमा

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
July 1, 2021
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

भारत-चीन-पाकिस्तान सीमा

क्या आपको पता है कि लद्दाख में भारत-चीन सीमा पर इस वक़्त हमारे कितने फ़ौजी तैनात हैं ? 2 लाख से ज़्यादा. तकरीबन इतने ही ‘उधर’ भी हैं. आप पूछेंगे – ये हो क्या रहा है भाई ? जंग का इरादा है क्या ?

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

सूत्रों की खबर है कि चीन ने तिब्बत सीमा पर बमरोधी बंकर, नई हवाई पट्टियां, अस्थाई चौकियां और मोबाइल अटैक यूनिट्स बनाने शुरू कर दिए हैं. भारत ने भी हल्के और भारी दोनों तरह के हथियार और साज़ो-सामान जुटा लिए हैं.

बताया जा रहा है कि सेना को किसी भी समय चीन के कब्जे से ज़मीन छीनने के लिए तैयार रहने को कहा गया है. आपके खून में उबाल आया न ? उधर, जम्मू में ड्रोन उड़ रहे हैं. ज़मीन से ठाएं-ठाएं की आवाज़ आती है और तनाव बढ़ जाता है. चैनलों ने पाकिस्तान को कूटना शुरू कर दिया है.

ये अलग बात है कि जब चीन एक साथ 36 हज़ार ड्रोन उड़ाकर दिखा सकता है तो भारत कहां चूक रहा है – इस पर बात कोई नहीं कर रहा. ये सियासी प्रॉक्सी वॉर दोनों देशों के नेताओं की कुर्सी पर पकड़ बनाये रखता है.

बहरहाल, कश्मीर में परिसीमन का मतलब ‘घाटी में हिन्दू राज’ भी है. कौन जाने कल को पुलवामा की तरह यह सब मिलकर एक चुनावी मुद्दा बन जाए ? सच सबको हज़म नहीं होता, पर सच तो सच होता है.

जम्मू में ड्रोन का उड़ना कोई मामूली घटना नहीं है. भारत सरकार की इस मामले पर चुप्पी समझ से परे है. लद्दाख में चीन के साथ सीमा विवाद को देखते हुए सरकार ने पाकिस्तान की सरहद से 4 डिवीज़न यानी 60 हज़ार से ज़्यादा जवानों को हटाकर चीनी सीमा पर तैनात किया है.

लद्दाख से लेकर हिमाचल और उत्तराखंड में चीन से लगी सीमा पर 2 लाख सैनिक तैनात हैं. क्या इसका फायदा उठाते हुए पाकिस्तान पश्चिमी मोर्चे पर भी भारत के साथ जंग के खतरे को बनाये रखना चाहता है ?

इन हालात के बरक्स करण थापर ने रणनीतिक विश्लेषक कर्नल अजय शुक्ला से लंबी बात की थी. संक्षेप में कहें तो हां, भारत इस वक़्त दो मोर्चों पर तनाव झेल रहा है. पहले लद्दाख फ्रंट पर 12 और पाकिस्तान सीमा पर 25 डिवीज़न तैनात हुआ करती थीं, अब हुआ असंतुलन चिंता का विषय है.

लेकिन इसका आर्थिक पक्ष कहीं ज़्यादा चिंताजनक है क्योंकि मोदी सरकार देश की इकॉनमी को संभाल नहीं पा रही है. सरकार के आर्थिक स्रोत पहले से ज़्यादा सीमित हैं. पहले बजट का 17% रक्षा मंत्रालय के हिस्से आता था, जो अब घटकर 15% हो गया है. जीडीपी के हिसाब से देखें तो यह 2.1% है.

अब अगर सेना पश्चिमी मोर्चे को मजबूत करने का कदम उठाती है तो उसके आधुनिकीकरण पर दबाव पड़ेगा. देपसांग, हॉट स्प्रिंग्स, गोगरा और गलवान में भले ही चीन थोड़ा पीछे हटा हो, लेकिन उसने करीब 1000 वर्ग किलोमीटर इलाके में भारत की पहुंच को भी रोक दिया है.

मौजूदा हालात में भारत को उत्तरी कमांड से सैनिकों को हटाना मुमकिन नहीं है. इसके अलावा जवानों के लिए ज़रूरी साजो-सामान और खासकर हल्के लड़ाकू टैंक, बख्तरबंद गाड़ियों को जुटाने में काफी खर्च होना है. पर मोदी सरकार बीते 15 महीने से तस्वीर साफ करने के बजाय पर्दा डालने का काम ज़्यादा कर रही है. मुमकिन है संसद के मानसून सत्र में इस पर कुछ बात हो.

  • सौमित्र राय

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

मेरे लिए भगत सिंह : बौद्धिक आकाश का ध्रुवतारा

Next Post

आधुनिक चीन को दुश्मन बताकर ‘विश्व गुरु’ क्या हासिल करना चाहता है ?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

आधुनिक चीन को दुश्मन बताकर 'विश्व गुरु' क्या हासिल करना चाहता है ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

बिहार के शिक्षा जगत में अहंकारों का टकराव नहीं, संस्थाओं का समन्वय जरूरी

September 17, 2023

आंतरिक मामला

August 19, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.