कल के फेसबुक लाइव में इन तस्वीरों को देखा. सूरत में ये औरतें शाहीनबाग की तरह सड़कों पर उतरीं हुईं...
Read moreDetailsगिरीश मालवीय कम शब्दों में 2020 के इस यूनियन बजट को डिस्क्राइब करना हो तो यह कहना सही होगा कि...
Read moreDetailsगुरूचरण सिंह हर राष्ट्रीय पर्व पर यह अहसास कुछ और गहरा जाता है. विभाजन की त्रासदी के बावजूद कुछ सपने...
Read moreDetailsहेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना सवाल तो यह भी उठता है कि नीतीश कुमार बिहार की राजनीति...
Read moreDetailsकेन्द्र की मोदी-शाह की आपराधिक जोड़ी ने देश की विशाल आबादी, तकरीबन 102 करोड़ लोगों को बकायदा गुलाम बनाने का...
Read moreDetailsश्याम मीरा सिंह : इन सभी तस्वीरों को देख लीजिए. RSS ने इस देश का क्या हाल कर दिया है. RSS...
Read moreDetailsगुरूचरण सिंह 13 फरवरी, 1927 को अपने दौर के मशहूर अर्थशास्त्री बी. एफ. मदान को 13 फरवरी, 1927 को एक...
Read moreDetailsजब आप अपनी रोजी-रोटी छोड़कर, सड़कों पर लड़ रहे थे, तब आपका एंकर, अपने स्टूडियो में क्या कर रहा था...
Read moreDetailsगुरूचरण सिंह लोकशाही एक ऐसी व्यवस्था है जिसे कुछ समझदार और नेकनीयत लोगों ने तमाम देशवासियों की भलाई के लिए...
Read moreDetailsगुरूचरण सिंह कोई पांच दशक पहले की बात है ! पूर्वी पाकिस्तान (अब बंगलादेश) में बंगालियों के मुक्ति संग्राम को...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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