रविश कुमार, मैग्सेस अवार्ड प्राप्त जनपत्रकार शाहीन बाग का धरना शांतिपूर्ण ही रहा, कोई हिंसा नहीं हुई फिर भी इस...
Read moreDetailsदेश की अर्थव्यवस्था में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. निकट भविष्य में भारतीय अर्थव्यवस्था विकट संकट की स्थिति...
Read moreDetailsगिरीश मालवीय कल शाम को भारत के लोग प्रधानमंत्री मोदी की एक घोषणा को सुनकर हक्के-बक्के रह गए, प्रधानमंत्री रूस...
Read moreDetailsगिरीश मालवीय बजट में सरकार द्वारा एलआइसी में अपनी हिस्सेदारी बेचने के ऐलान के बाद एलआइसी के भविष्य और उसमे...
Read moreDetailsगुरूचरण सिंह अब तुम तिरंगे के नाम पर झूठे बहकावे में मरो या तिरंगे में लपेटे जाओ, क्या फर्क पड़ता...
Read moreDetails'क्या आप अपनी ऑफिस या कॉलेज से घर आकर मजदूरी करने जाएंगे ? मुझे स्कूल से वापस आकर मजदूरी करनी...
Read moreDetailsदुनिया भर में मिथक और दंतकथाएं फैली हुई है. हर जातियां और सभ्यताओं के अपनी-अपनी कथाएं होती है. दंतकथाएं असल...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार, प्रसिद्ध गांधीवादी कार्यकर्ता आप मोदी के भक्त यूं ही थोड़े ही ना बन गए हैं, उसके बड़े ही...
Read moreDetailsगुरूचरण सिंह बिल्कुल सही पढ़ा है आपने क्योंकि रूपए पैसे की बात होने के बावजूद आर्थिक नजरिए जैसी कोई चीज़...
Read moreDetailsइस पूरी क्रोनोलॉजी पर ध्यान दीजिए - ● 12 जून, 1975 इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस देश की सबसे ताकतवर महिला...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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