जो ब्राह्मण अपने आप को आर्य कहते थे, उन्हीं ब्राह्मणों ने 1922 में हिन्दू महासभा की स्थापना की और 1925...
Read moreDetailsजब नकदी का चलन ही नहीं रह जायेगा, तब सरकारों को नोट छापने, सिक्के ढालने और उनके वितरण की आवश्यकता...
Read moreDetailsआज बजरंग दल, शिवसेना, विश्व हिन्दु परिषद में ओबीसी, दलित और आदिवासी बड़ी तादात में मिलेंगे. संघ द्वारा एक तरफ...
Read moreDetailsए.एन. समाज अध्ययन संस्थान के निदेशक और समाजशास्त्री डॉ. डी.एम. दिवाकर का मानना है कि बिहार में वामपंथी अपने एजेंडे...
Read moreDetailsदेश के सरकारी बैंकों का एनपीए तेजी से बढ़कर 10 लाख करोड़ के पार जाने वाला है, इस एनपीए...
Read moreDetailsलाखों करोड़ रूपये देश के धन्नासेठों खासकर अंबानी घरानों को बांटने के बाद देश के खाली हो चुके खजाने को...
Read moreDetailsमाओ त्से-तुङ सिर्फ चीनी जनता के लम्बे क्रान्तिकारी संघर्ष के बाद लोक गणराज्य के संस्थापक और समाजवाद के निर्माता ही...
Read moreDetailsउत्तर भारतीय पिछले 18 सालों से बड़ी तेजी से रोजगार की तलाश में औद्योगिक प्रदेशों और महानगरों की ओर भाग...
Read moreDetailsविनय ओसवाल, वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक हिन्दुस्तान को कांग्रेस मुक्त बनाना मोदी जी के बूते की बात नही हैं, लोगों के बीच ऐसे...
Read moreDetailsयहां सवाल सत्ता के लिये बिक कर राजनीति करने वाले क्षत्रपों की कतार भी कितनी पाररदर्शी हो चुकी है और...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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