ज़रा कभी सोचियेगा फुरसत से ... कहीं आपकी चुप्पी और ठुल्लों की साम्प्रदायिकता देश को गृहयुद्ध की ओर तो नहीं...
Read moreDetailsविनय ओसवाल, वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक तीन राज्यों में मिली पराजय के बाद आरएसएस का मानना है कि अकेले सरकार की उपलब्धियों...
Read moreDetailsहाशिये पर रह रहे समुदाय के साथ खड़े लोकतांत्रिक संगठनों और व्यक्तियों पर हमला इस बात का पुख्ता सबूत है...
Read moreDetailsविनय ओसवाल, वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक कुछ ट्रोलरों से बात करने का मौका मिला. यह विश्वास दिलाने के बाद कि उनकी...
Read moreDetailsअखबारों का असली कर्तव्य शिक्षा देना, लोगों से संकीर्णता निकालना, साम्प्रदायिक भावनाएं हटाना, परस्पर मेल-मिलाप बढ़ाना और भारत की साझी...
Read moreDetailsनेहरू और जिन्ना दोनों प्रधानमंत्री बनना चाहते थे. इन दोनों में से किसी एक को भी मार दिया जाता तो...
Read moreDetailsकहने वाले तो कहते हैं कि मनुस्मृति और उसकी आज्ञाएं कब कि मर चुकी हैं, अब गड़े मुर्दे उखाडने से...
Read moreDetailsनतीजों से जनता के बीच असंतोष को साफ़ तौर से देखा जा सकता है. भाजपा के दक्षिणपंथी/फासीवादी विचार को नाकारा...
Read moreDetailsगंगा-जमुनी धारा को तलवार से काट कर बांटा नहीं जा सकता, इन चुनावों में हिंदुत्व की इस विचार धारा की...
Read moreDetails2019 के चुनाव के बाद, सरकार बीजेपी की रहे या कांग्रेस गठबंधन की, वित्तीय स्थिति भयंकर बदतर होने वाली है....
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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