देह इस देह में बहुत सारे देह हैं एक देह वह है जो सिर्फ़ भीड़ से धकियाते हुए अपने गंतव्य...
Read moreDetailsवह वह सब करना चाहेगा जो आम आदमी कर सकता है मालूम है कि बहुतों को यह बात बहुत नागवार...
Read moreDetailsयहां पूजा जाता है लिंग और.. योनियों में ठूंस दी जाती है मोमबत्तियां... प्लास्टिक की बोतलें.. कंकड़ पत्थर.. लोहे की...
Read moreDetailsवहांसूअर का मांस महंगा हो गया और यहां दाल महंगी हो गईगोकशी की इजाज़त कुछ गिनती के इज्जतदारों को हैबाजार...
Read moreDetailsयह सड़क नहीं रनवे है हम यहां चलते नहीं उड़ते हैं धुंध की परवाह किसे है जो पराली जला रहे...
Read moreDetailsएक नब्बे फीसद विकलांग इंसान से एक अधेड़ हो चुकी स्त्री से चंद निहत्थे लोगों से सत्तर से भी ऊपर...
Read moreDetailsक्या तब देश का अपमान नहीं होता जब आंगन में खेलती हुई बच्ची को पटक दिया जाता है मंदिर में...
Read moreDetailsस्वच्छ भारत का अंतिम सिरे पर कुछ कूड़े कर्कट से परित्यक्त, प्रताड़ित गृह निष्कासित बूढ़े और ग़रीब लोग भी हैं...
Read moreDetailsलाल तंबू के नीचे जब होश आया तो मैंने अपने आजू बाज़ू दोनों बिस्तर में पड़ी दो लाशों को देखा...
Read moreDetailsदेशप्रेम आपके लिए देशप्रेम है सत्ता के लिए देशप्रेम एक मुखौटा है. देशभक्ति आपके लिए देशभक्ति है सत्ता के लिए...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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