पहले वे कश्मीर में टेलीफोन और इंटरनेट सेवा बंद करेंगे हम चुप रहेंगे फिर वे कश्मीर में बिजली पानी काटेंगे...
Read moreDetailsयाद है ? सीरिया का वो तीन साल का बालक बम से बूरी तरह घायल मरने से पहले कहा था...
Read moreDetailsवे चल पड़े हैं दिल्ली को, उन्होंने चलना सीख लिया है..! जो घर में अब तक बैठे थे, उन्होंने लड़ना...
Read moreDetailsनिजाम ने खरीद लिए कुछ सियार कि ये बचाएंगे ऊंंची आवाज में जब हुआंं हुआंं करेंगे तो भय से दुबक...
Read moreDetailsतानाशाह ने तय किया है कि वह अब अपनी जनता ख़ुद चुनेगा ! तानाशाह चाहता है कि मुल्क में सिर्फ़...
Read moreDetailsसुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बोबडे के सवाल का जवाब : महिलाएं क्यों शामिल हैं, किसान आंदोलन में ? वे...
Read moreDetailsकश्मीरी गलीचा नीचे गंदगी जितनी हो गलीचा कश्मीरी हो ज्वार में अकेली गंगा ही नहीं सभी नदियां उलटी बहती हैं...
Read moreDetailsजो पोशाक मैं पहनती हूंं वह दुनिया भर के इंसानी हाथों की छुअन का एहसास लिये मुझ तक पहुंंचती है...
Read moreDetailsकाश, मेरे शब्द होते रोटी, कपड़ा और मकान मैं बांट देता इन्हें खाने, पहनने और रहने के लिए काश, मेरे...
Read moreDetailsफिल्हाल संगतराश, तुम उसका बुत बनाना अवतारी बता कर बुतपरस्त नजूमियों, तुम उसका बुत बेचना कलम, तुम्हें क्या कहूं फिल्हाल...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.