खुदाई जुलूस निकलने के बाद गली में सन्नाटा था. पत्थरों से पूरी गली पट गयी थी. पत्थर खून से सने...
Read moreDetailsकमलेश राम लाल पेशे से कुम्हार था. दिन भर मेहनत करके बमुश्किल अपने बीवी बच्चों को खाना नसीब करवा पाता...
Read moreDetailsएक बार एक वैज्ञानिक जंगल में किसी काम से जा रहा था. तभी उसने 'सोनू आर्या' नामक एक शख्स को...
Read moreDetailsचूहा और चूहादानी एक चूहा एक कसाई के घर में बिल बना कर रहता था. एक दिन चूहे ने देखा...
Read moreDetailsकिसी देश में दो नेता रहते थे. एक बड़ा नेता था और एक छोटा नेता था. दोनों में बड़ा प्रेम...
Read moreDetailsउर्दू के विख्यात लेखक अब्दुल हलीम शरर की एक किताब 'गुज़िश्ता लखनऊ' है, जो हिंदी में पुराना लखनऊ नाम से...
Read moreDetailsएक राज्य का राजा मर गया. अब समस्या आ गई कि नया राजा कौन हो ? तभी महल के बाहर...
Read moreDetailsदलित जाति के एक युवक की नौकरी लग गई. कुछ दिन तो वो युवक अपने गांव आता जाता रहा. शादी...
Read moreDetailsपागलखाना प्रसंग (लघुकथाएं) जब पागल खाने का दरवाजा टूटा तो पागल निकाल कर इधर-उधर भागने लगे और तरह-तरह की बातें...
Read moreDetailsएक सेठ जी एक करोड़ रूपया नगद लेकर ट्रेन में सफर कर रहे थे. अपने आप को सुरक्षित करने के...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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