Wednesday, July 29, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

कोरोना नियंत्रण हेतु जमीनी तैयारियों के लिए सुझाव

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
April 8, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

कोरोना नियंत्रण हेतु जमीनी तैयारियों के लिए सुझाव

पं. किशन गोलछा जैन, ज्योतिष, वास्तु और तंत्र-मंत्र-यन्त्र विशेषज्ञ

कोरोना अब दिमाग पर भी प्रभाव डालने लगा है (रात-दिन कोरोना को लेकर हिन्दू-मुस्लिम डिबेटों और समाचारों से अब नींद में भी कोरोना के ही विचार चलते रहते हैं. ऐसे ही कल रात नींद में विचार करते करते कोरोना को नियंत्रित करने का बड़ा ही जबरदस्त उपाय सुझा, सो लिख भी रहा हूंं और उसका ग्राफ भी बनाकर सलंग्न कर रहा हूंं, यथा –

You might also like

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी अगर सच में ईमानदार है और कोरोना के खिलाफ फाइट में सचमुच गंभीरता रखते हैं, तो मात्र 15 दिनों में भारत को कोरोना से मुक्त किया जा सकता है लेकिन जिस हिसाब से धन इकट्ठा करने के लिये मोदी केयर के नाम से खाता बनाया है और वर्ल्ड बैंक से लोन उठाया है, उस हिसाब से मुझे नहीं लगता कि मोदीजी ईमानदार हैं और गंभीरता के साथ भारत से कोरोना ख़त्म करना चाहते हैं.

वे तो इस मौके की आड़ में धन एकत्रित करने में लगे हुए है, वरना सीधा अपनी देख-रेख में सभी सांसदों और विधायकों को काम में लगाकर एक सप्ताह में पूरे भारत की जनसंख्या की स्क्रीनिंग की जा सकती है और वो भी कम-से-कम संसाधनों और मेडिकल स्टाफ के साथ. इसमें किसी भी अस्पताल पर जोर नहीं पड़ेगा और न ही त्राहि-त्राहि मचेगी और जांंच के अगले सप्ताह तक सभी की जांंच रिपोर्ट भी सरकार के सामने होगी, जिसकी तीन केटेगिरी होगी यथा –

1. नॉन इन्फेक्टेड पब्लिक – ये तो सीधे तौर पर फ्री हो जायेंगे.

2. वीक इम्युनिटी पब्लिक – ये सीधे तौर पर फ्री नहीं होंगे बल्कि इन्हे एमएलए द्वारा निगहबंदी में रखा जाये ताकि कमजोर इम्युनिटी की वजह से जब भी इनके इन्फेक्टेड होने के चांस लगे, इन्हें तुरंत क्वारंटाइन किया जा सके.

3. इन्फेक्टेड पब्लिक – इन्हें सांसद द्वारा सीधे केंद्र सरकार अपनी देखरेख में रखे और जो भी संभव हो इलाज करे और ठीक होने तक आइसोलेसन सेंटर में ही रखे.

अब स्क्रीनिंग होगी कैसे ? इसके लिये भी बड़ा ही सिम्पल तरीका है कि इसकी जिम्मेदारी सीधे-सीधे पार्षदों को दे दी जाये, साथ ही इलाके के एसएचओ और डॉक्टर के साथ साथ सफाईकर्मी और स्क्रीनिंग करने वाले मेडिकल स्टाफ मय टेस्टिंग मशीन एक कमेटी बनाकर दे और वो सीधा एमएलए और एमपी की देखरेख में हो और सभी पार्षद अपने-अपने वार्ड में स्क्रीनिंग का कार्य करवाये तथा वार्ड पब्लिक को तीन केटेगिरी में ट्रांसफर कर एक को विधायक और दूसरे को सांसद की देखरेख में ट्रांसफर करे.

अर्थात इतना कार्य करने के बाद पार्षद अपनी जवाबदारी से मुक्त हो जायेंगे और वीक इम्युनिटी वालों के लिये विधायक जिम्मेदार होगा, जबकि इन्फेक्टेड लोगो के लिये सांसद जिम्मेदार होगा और इस तरह सिर्फ कुछ हज़ार इन्फेक्टेड लोगों को बाकी की पब्लिक से दूर कर कोरोना तीसरे स्टेज पर पहुंंचने से पहले ही नियंत्रित कर लिया जाये और इन्फेक्टेड लोगो के ठीक होने पर उन्हें भी फ्री कर दिया जाये.

इससे न तो सरकार को एक्स्ट्रा फण्ड की जरूरत पड़ेगी और न ही एक्स्ट्रा स्टाफ की और इन्फेक्टेड लोग ज्यादा से ज्यादा एक महीने में ठीक हो जायेंगे ! ज्यादा अच्छे से समझने के लिये सलंग्न ग्राफ देखे –

Read Also –

कोरोना का खौफ और सरकार की तैयारियां
भाजपा ने सत्ताहवस की खातिर देश के 130 करोड़ लोगों को मौत के मूंह में झोंक दिया
स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करके कोरोना के खिलाफ कैसे लड़ेगी सरकार ?
साम्राज्यवादी आरोप प्रत्यारोप के बीच कोरोना

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

‘नमस्ते ट्रंप’ की धमकी और घुटने पर मोदी का ‘हिन्दू राष्ट्रवाद’

Next Post

अमेरिका आखिर क्यों घुटनों के बल गिरा है ?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

by ROHIT SHARMA
July 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

by ROHIT SHARMA
July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
Next Post

अमेरिका आखिर क्यों घुटनों के बल गिरा है ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

…ये दोगलाई कैसे एक्सेप्ट करूं ?

December 15, 2024

बहसबाजी के अड्डेवाली व्यवस्था को धता बताकर जनता के द्वारा स्थापित विकल्प की ओर क्यों न बढ़ें ?

October 18, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

July 27, 2026
Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

July 27, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.