फिलिस्तीन : मिया खलीफा का एक व्यक्तित्व यह भी है...

('अगर आप फलस्तीन की स्थिति को देख सकते हैं और फलस्तीनियों के पक्ष में नहीं हैं, तो आप भेदभाव कर रहे हैं, और यह इतिहास समय आने पर यह दिखाएगा.')
'क्या कोई फिलीस्तीन के फ्रीडम फाइटर्स से कह देगा कि वह वीडियो शूट करते वक्त फोन को फ्लिप कर होरिजोंटल (क्षैतिज शूट) करें'.
मिया खलीफा के इतना ट्वीट करते ही एक कंपनी ने उन्हें अपने कॉन्ट्रैक्ट से बाहर कर दिया ! फिर मिया खलीफा ने ट्वीट करते हुए कहा -"रख अपनी दो कौड़ी की कंपनी, जिसे न तो मक़सद का पता है और न ही डायरेक्शन....
'मेरे लोग खुली जेल में रह रहे हैं, उन्हें मारा-पीटा जा रहा है, उनका कत्लेआम हो रहा है. और उसका फोर के फुटेज मेरे पास है. दुनिया के किसी भी कोने में उत्पीड़न के खिलाफ लड़ रहे लोगों के साथ मैं खड़ी हूं.'
कंपनी से जुड़े आदमी को जवाब देते हुए मिया खलीफा ने कहा -'मुझसे अपनी कंपनी के लिए निवेश की भीख मांगने से पहले रिसर्च किया होता तो तुझे पता होता कि मैं लेबनानी हूं और तुम क्या पागल हो, जो मुझसे उम्मीद कर रहे हो कि मैं अपने लोगों के खिलाफ मेरी जमीन पर कब्जा करने वालों का साथ दूंगी ?'
हिंदुस्तान के कितने सेलेब्रिटी राहुल गांधी के साथ खड़े हो सकते हैं ?कितने सेलेब्रिटी जनता के पक्ष में ओपीएस के मुद्दे पर समर्थन कर सकते हैं ? कितने सेलेब्रिटी किसान आंदोलन के पक्ष में बोल रहे थे ? भारत में मिया खलीफा को हेय दृष्टि से देखा जाता है लेकिन रजाई में घुसकर युवा पीढ़ी सबसे ज्यादा मिया खलीफा और उनके जैसे प्रोफेशनल्स के वीडियो देखती है. लेकिन उस वीडियो के परे मिया खलीफा का एक व्यक्तित्व यह भी है. जिसे पूरी दुनिया, खासतौर पर भारतीयों को तो जरूर गौर करना चाहिए...- मनीष सिंह
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