Monday, September 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

ड्रग्स कारोबारियों का पसंदीदा रूट है गुजरात

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
May 3, 2022
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
ड्रग्स कारोबारियों का पसंदीदा रूट है गुजरात
ड्रग्स कारोबारियों का पसंदीदा रूट है गुजरात
Shyam Singh Rawatश्याम सिंह रावत

शायद आपने निखिल गांधी का नाम सुना होगा. ये श्रीमान जी किसी ज़माने में कोलकाता से जाकर मुंबई में पान का पत्ता बेचा करते थे. आज सिर्फ 55-56 साल की उम्र में हजारों करोड़ की संपत्ति के मालिक बन गये हैं. एसकेआईएल इंफ्रास्ट्रक्चर के कार्यकारी अध्यक्ष निखिल भाई मुंबई के सबसे पॉश कहे जाने वाले नेपियन सी इलाके में रहते हैं. तीन महीने पहले 17 जनवरी को निखिल गांधी के घर पर ED का छापा पड़ा तो हीरे जवाहरात व सिर्फ 30 करोड़ के गहने बरामद हुए थे. इससे आपको इनकी फुल स्पीड तरक्की का अंदाज़ा हो गया होगा. लेकिन रुकिए, कहते हैं कि ईमानदारी से आदमी सिर्फ दाल-रोटी का जुगाड़ कर सकता है, दौलत इकट्ठी नहीं कर सकता. इनकी गाथा आगे पढ़िए.

राफेल विमान सौदे में हुए घोटाले की चर्चा के दौरान इनका नाम सामने आया था. तो फ्रॉड, लूट और झूठ पर आधारित विकास के जिस गुजरात मॉडल की चर्चा कुछ समय पहले देश में छायी रहती थी, निखिल गांधी उसका प्रतिनिधि चेहरा हैं. ये महाशय जी पान बेचते-बेचते कुछ ही सालों के अंदर खिलौने और खिलौनों के अंदर रख कर बहुत-कुछ बेचने लगे. फिर इनकी मुलाकात हुई मामूली समय में फर्श से अर्श तक पहुंचे एक और गुजराती धीरूभाई अंबानी से. धीरूभाई ने निखिल भाई को चिमन भाई के पास इस सलाह के साथ भेजा कि गुजरात के पीपावाव में बंदरगाह बनाओ, भविष्य का धंधा यही है.

You might also like

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

पीपावाव में बंदरगाह बनाने की  मंजूरी मिली और न सिर्फ बंदरगाह बन गया, बल्कि बंदरगाह को निकटतम ब्रॉड गेज स्टेशन सुरेंद्रनगर से जोड़ने वाली 286 किलोमीटर लंबी रेल लाइन वाली एक रेलवे परियोजना शुरू करके उसमें रेल मंत्रालय के साथ भागीदारी भी की. इसके अलावा पीपावाव बंदरगाह को राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने के लिए 20 किमी लंबा फोर लेन एक्सप्रेसवे का निर्माण भी किया. यानी भाई पर ‘क्रुपा’ खूब बरस रही थी.

अब उसी पीपावाव बंदरगाह पर कंटेनर से 63,000 करोड़ की 9,000 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गयी है, जो वहां महीने भर से पड़ा था. कहा जाता है कि बंदरगाह से ड्रग्स की तस्करी पिछले कई दशकों से चल रही थी, जिसका पर्दाफाश अब जाकर हुआ है, उन्हीं धीरूभाई अंबानी के कनिष्ठ पुत्र अनिल अंबानी ने कंगाल होने के बावजूद भी अपनी उच्चस्तरीय राजनीतिक पैठ के बल पर 2015 में पीपावाव बंदरगाह खरीदा था. फ्रॉड, लूट और झूठ पर आधारित विकास के गुजरात मॉडल पर एक बार फिर विचार कर देखिए.

गुजरात में ड्रग्स की बड़ी-बड़ी खेपों के पकड़े जाने का सिलसिला काफी लंबे समय से चल रहा है. वहां 31 जुलाई, 2017 को पोरबंदर में 42,000 करोड़ रुपए मूल्य की 1,500 किलोग्राम बेहतरीन क्वालिटी की हेरोइन तटरक्षक बल ने पकड़ी थी, जिसे तब ऐतिहासिक रूप से पकड़ा गया ड्रग्स का सबसे बड़ा कन्साइनमेंट बताया जा रहा था. आपको याद ही होगा कि गौतम अडाणी के गुजरात स्थित मुंद्रा पोर्ट से 16 सितंबर, 2021 को अफगानिस्तान से ईरान के रास्ते लाई गई 9 हज़ार करोड़ से ज्यादा मूल्य की ड्रग्स बरामद हुई थी.

गौतम अडाणी के इसी मुंद्रा पोर्ट पर 19 जनवरी, 2022 को एक कंटेनर में कार के कबाड़ में छुपाकर लाया गया 90 पैकेट अमेरिकन गांजा बरामद किया गया था. अभी 22 अप्रैल को उसी गुजरात के गांधीधाम में एक बार फिर 2,100 करोड़ रुपए कीमत वाली 300 किलोग्राम ड्रग्स पकड़े जाने के तीन दिन बाद 25 अप्रैल को ईरान में बंदर अब्बास बंदरगाह से भेजी गई 1439 करोड़ रुपए की 205.6 किलोग्राम हेरोइन कांधला पोर्ट पर बरामद की गई.

एक अन्य मामले में इंडियन कोस्ट गार्ड द्वारा अरब सागर में भारतीय जल सीमा में इसी 24 अप्रैल को एक पाकिस्तानी नाव से 56 किलो हेरोइन बरामद की गई थी, जिसकी बाजार में कीमत 280 करोड़ रुपए आंकी गयी है. गुजरात में पिछले एक सप्ताह में 436 किलो ड्रग्स अलग-अलग रेड में पकड़ी गई है‌. इस तरह पिछले सात महीने के अंदर गुजरात से करीब 30 हज़ार करोड़ से भी ज्यादा मूल्य के ड्रग्स बरामद हो चुके हैं.

अब सवाल यह है कि गुजरात में दुनिया का सबसे बड़ा ड्रग्स रैकेट चलाने वाला कोलंबियाई पाब्लो एस्कोबार गैविरिया या मैक्सिकन पूर्व ड्रग लॉर्ड और एक अंतरराष्ट्रीय अपराध सिंडिकेट, सिनालोआ कार्टेल का सरगना जोकिन आर्किवाल्डो गुज़मैन लोएरा उर्फ ‘एल चापो’ कौन है ? क्या इतनी भारी मात्रा में नशीली दवाएं भारत में बगैर किसी स्थापित नेटवर्क के मंगाई और खपाई जा सकती हैं ? क्या बिना राजनीतिक संरक्षण के ड्रग्स कार्टेल चल सकते हैं ? नहीं, तो फिर इन्हें संरक्षण देने वाला कौन है ?

प्रधानमंत्री और गृहमंत्री का गृहराज्य गुजरात नशीली दवा के कारोबारियों का पसंदीदा रूट बन गया है, तो कैसे ? जहां से देश को तबाह करने वाली अरबों रुपए की टनों के हिसाब से ड्रग्स आये दिन पकड़ी जा रही हैं.

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

Donate on
Donate on
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

बेगाने शादी में अब्दुल्ला दीवाना

Next Post

न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने का दायित्व किसका होना चाहिए योर ऑनर ?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

by ROHIT SHARMA
September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

by ROHIT SHARMA
August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

by ROHIT SHARMA
August 27, 2026
Next Post

न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखने का दायित्व किसका होना चाहिए योर ऑनर ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

पंजाब में कृषि मज़दूर औरतों की आत्महत्याएं

June 20, 2021

भ्रष्टाचार-मुक्त कार्य कम लागत में और जल्दी पूरे किये जा सकते हैं!

June 4, 2018

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

August 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

प्रशांत बोस उर्फ किशन दा के बारे में संक्षिप्त जानकारी

August 26, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.