Monday, September 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

हैदरपोरा एनकाउंटर : …तो ऐसे हासिल करेंगे कश्मीरियों का विश्वास ?

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
April 1, 2023
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

हैदरपोरा एनकाउंटर : ...तो ऐसे हासिल करेंगे कश्मीरियों का विश्वास ?

हैदरपोरा एनकाउंटर की खबर ने एक बार फिर मेरा दिमाग सुन्न कर दिया है. जब भी एनकाउंटर या क्रास फायरिंग में किसी के मारे जाने की खबर सुनती हूं तो विचलित हो जाती हूं क्योंकि ऐसे 99.9% मामले फर्जी होते हैं.

You might also like

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

पूर्वोत्तर में आदिवासी और कश्मीर में मुस्लिम युवा ही ज्यादातर इसका शिकार होते हैं, जिनको आराम से नक्सली और आतंकी कहकर मौत की नींद सुलाया जा सकता है. और यकीन मानिए इस पर किसी को शक भी नहीं होता.

हैदरपोरा एनकाउंटर में जो 4 लोग मारे गए हैं, उनके नाम हैं – मोहम्मत अल्ताफ़ बट, मुदासिर गुल, गुल के सहायक आमिर मागरे और एक विदेशी अनाम.

आमिर मागरे के अब्बू ने खुद सेना के साथ मिलकर आतंकवादियों को मारा, जिसके लिए उनको 2005 में राज्यपाल से पुरस्कार भी मिला. हिंदू और हिंदुस्तान में जबरदस्त आस्था रखने वाले आमिर के परिवार को 15 सालों से पुलिस सुरक्षा मिली हुई है. इनके देशभक्त वालिद को बेटे का शव भी देखने को नहीं मिला. आमिर के पूरे गांव का कहना है कि आमिर एक निर्दोष और मेहनती लड़का था. वो आतंकी नहीं था.

अल्ताफ भट पिछले 30 सालों से हैदरपोरा बाईपास में कारोबार कर रहा था. इसने भवन मुदासिर गुल को किराए पर दिया था और मुदासिर गुल (किरायेदार का) सत्यापन पुलिस थाने सदर में कराया था. इसके भाई का भी कहना है कि पुलिस वाले इसके यहां आते जाते चाय वगैरह पीकर जाते थे. अगर कोई शक था तो बात कर सकते थे.

मुदासिर गुल पेशे से दांत का डॉक्टर था और उसका भी कोई आतंकी गतिविधि में लिप्त होने का प्रमाण नहीं था. न्यूज़ चैनलों को वहां के एक चश्मदीद ने बताया कि पांच बजे के क़रीब फरान पहनकर (कश्मीरी लिबास) कुछ सुरक्षाकर्मी आए. सबके फ़ोन छीने. कुछ समय के बाद अल्ताफ़ और मुदासिर को ले गए. कुछ समय के बाद फायरिंग हुई और फिर दोनों वापस नहीं आए.

नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा, ‘पुलिस मानती है कि वे इमारत के मालिक (अल्ताफ) और किरायेदार (गुल) को इमारत में ले गए और दरवाजे खटखटाने के लिए उनका इस्तेमाल किया. फिर इन लोगों को आतंकवादी कैसे कहा जा सकता है ? जिन्हें मारा गया वे नागरिक हैं.’

कश्मीरियों से धारा 370 छीन ली पर इस तरह बिना जांच पड़ताल उनके जीने का हक तो मत छीनिए. ऐसे हासिल करेंगे हम कश्मीरियों का विश्वास ? माननीय सुप्रीम कोर्ट को चाहिए कि इस मामले की सीबीआई जांच साफ-सुथरी छवि वाले अधिकारियों से कराकर 3 महीने में सच से पर्दा उठाए. देश में इतना तो लोकतंत्र शेष रखिए कि उर्दू नाम वाले को उसकी अस्मत की रक्षा का हक बना रहे.

आज हम सबको अल्पसख्यकों और आदिवासियों की ढाल बनने की जरूरत है वरना इतिहास हमें माफ नहीं करेगा.

  • आभा शुक्ला

Read Also –

 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

जैसे-जैसे लोकतंत्र खत्म किया जा रहा है, नेहरू और ज्यादा प्रासंगिक होते जा रहे हैं

Next Post

कृषि कानूनों को खत्म करने के साथ मोदी की माफी : रस्सी जल गई पर ऐंठन नहीं गई

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

by ROHIT SHARMA
September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

by ROHIT SHARMA
August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

by ROHIT SHARMA
August 27, 2026
Next Post

कृषि कानूनों को खत्म करने के साथ मोदी की माफी : रस्सी जल गई पर ऐंठन नहीं गई

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

ब्रिटिश साम्राज्यवाद ही क्यों, कभी सोचा है ?

June 13, 2020

हथियारों-युद्धों के ख़र्चों में बर्बाद हो रही है मेहनतकश जनता की दौलत

July 11, 2022

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

August 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

प्रशांत बोस उर्फ किशन दा के बारे में संक्षिप्त जानकारी

August 26, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.