Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

लक्ष्मी विलास बैंक का सिंगापुर की सबसे बड़े ऋणदाता डीबीएस बैंक के लोकल यूनिट डीबीएस बैंक के साथ विलय

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
November 19, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

लक्ष्मी विलास बैंक का सिंगापुर की सबसे बड़े ऋणदाता डीबीएस बैंक के लोकल यूनिट डीबीएस बैंक के साथ विलय

गिरीश मालवीय

ऐसा पहली बार हो रहा है कि 25 शाखाओं वाले बैंक में 566 ब्रांच वाले बैंक का मर्जर किया जा रहा है. विश्व के बैंकिंग इतिहास में यह अनोखी घटना है. हम बात कर रहे हैं डीबीएस बैंक में लक्ष्मी विलास बैंक के मर्जर की. कर्मचारियों की संख्या से लिहाज से भी देखे तो लक्ष्मी विलास के कर्मचारियों की संख्या 4,349 है जबकि डीबीएस बैंक की कर्मचारियों की संख्या 4 के आंकड़े में भी नही पहुंची होगी.

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

लक्ष्मी विलास बैंक देश के सबसे पुराने बैंकों में शुमार है. इसकी अलग-अलग राज्यों में 566 ब्रांच, 973 एटीएम मशीनें हैं. वहीं, डीबीएस बैंक की मात्र 25 शाखाएं अभी तक खुली है, जबकि यह 1994 से भारत मे काम कर रहा है. केंद्रीय बैंक ने किसी भारतीय बैंक को विदेशी मूल वाले किसी दूसरे बैंक के साथ विलय का आदेश दिया है. डीबीएस बैंक सिंगापुर का सबसे बड़ा बैंक है.

बैंक के बढ़ते एनपीए और इसे चलाने में आ रही कठिनाइयों के बीच केन्द्र सरकार ने सिंगापुर की सबसे बड़े ऋणदाता डीबीएस बैंक के लोकल यूनिट डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड (डीबीआईएल) के साथ विलय करने को कहा है. ऐसा पहली बार है जब किसी भारतीय बैंक को सुरक्षित रखने के लिए उसके विदेश प्रतिद्वंद्वी बैंक को चुना है.

आरबीआई ने कहा, ‘विलय योजना को मंजूरी मिलने पर इसकी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए डीबीएस बैंक इंडिया लिमिटेड (डीबीआईएल) में सिंगापुर का डीबीएस बैंक 2500 करोड़ रुपये (46.3 करोड़ सिंगापुर डॉलर) लगाएगा. इसकी फंडिंग पूरी तरह से डीबीएस के मौजूदा संसाधनों से की जाएगी.’

दरअसल 2017 में सरकार ने डीबीएस बैंक की शाखाओं को भारत मे विस्तार करने से इसलिए रोक दिया था. सिंगापुर ने भारतीय स्‍टेट बैंक और आईसीआईसीआई जैसे बैंकों को कम्‍प्रेहेन्सिव इकोनॉमिक को-ऑपरेशन एग्रीमेंट (सीईएसए) के तहत कुछ पॉलिसी का हवाला देते हुए अपने बाजार में विस्‍तार करने से रोक दिया. इसके परिणामस्‍वरूप भारत सरकार ने भी भारत में डीबीएस बैंक के रिटेल विस्‍तार को भी रोक दिया था.

एक और बात है एफडीआई को लेकर सिंगापुर तेजी से से मॉरीशस को पीछे छोड़ रहा है. भारत मे काले धन की राउण्ड ट्रिपिंग को लेकर सिंगापुर पहले से ही बदनाम है. इस तथ्य की पुष्टि इस बात से भी होती है कि कुछ महीने पहले अमेरिका ने फिनसेक पेपर्स बाहर आए हैं. इन कागजो की जांच करने से पता चलता है कि डीबीएस बैंक के भारत मे संदिग्ध लेनदेन काफी बढ़े हुए हैं.

डीबीएस बैंक से 26 बार में इलाहाबाद बैंक में करीब 14.42 करोड़ डॉलर भेजे गए. सिंगापुर मुख्यालय वाला डीबीएस से इंडियन ओवरसीज बैंक को 21 लेनदेन के जरिये 16.23 करोड़ डॉलर भेजे गए. ये लेन-देन 3 नंवबर, 2015 से 14 अप्रैल, 2016 के बीच किए गए थे. ऐसे और भी रिकार्ड है.

सबसे बड़ी बात तो यह है कि आरबीआई ने यह डिसिजन किस बिना पर लिया कि लक्ष्मी विलास बैंक का मर्जर डीबीएस में ही किया जाए ? इस बात की कोई जानकारी नही है बैंक एम्प्लाइज एसोसिएशन ने भी इस बात पर सवाल खड़े किए हैं.

Read Also –

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

खुदाई में बुद्ध के ही अवशेष क्यों मिलते हैं ?

Next Post

लालू प्रसाद यादव : ब्राह्मणवादी सामंती ताकतों के खिलाफ खड़े महानायक

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

लालू प्रसाद यादव : ब्राह्मणवादी सामंती ताकतों के खिलाफ खड़े महानायक

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

छत्तीसगढ़ : हसदेव – कहानी दिए और तूफान की

June 27, 2022

मोदी मार्का फ़ासिज़्म

March 19, 2024

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.