Friday, July 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

मरीज एक प्रोडक्ट है

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
December 27, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

मरीज एक प्रोडक्ट है

16 दिसम्बर, 2020 को दिन करीब 1 बजे मेरे भाई सुरेंद्र सिंह तमकुहीराज, कुशीनगर में मोटरसाइकिल से गिर पड़े. इस कारण उनकी दाहिनी बांंह केहुनी और कंधें के बीच बुरी तरह फ्रैक्चर हो गयी और उन्हें ब्रेन हैमरेज भी हो गया. तभी से वे अचेतावस्था में हैं.

You might also like

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

21वीं सदी में विश्वगुरू बनने को आतुर देश में स्वास्थ्य सुविधा की स्थिति यह है कि दुर्घटनास्थल से लगभग 100 किलोमीटर दूर ही न्यूरो का हॉस्पिटल मिला. एक मेडिकल कालेज जिसके बजट को लगातार कम करके सरकारों ने और प्राइवेट स्वास्थ्य सेवा उद्योग और सरकारी गठजोड़ ने बदनाम बना दिया है.

तथाकथित स्टेटस को बनाए रखने और अत्यधिक भीड़ के कारण लेटलतीफी से बचने के कारण जिनके पास थोड़ी भी गुंजाइश है प्राइवेट हॉस्पिटल का ही रुख करते हैं. पर इस मुनाफा केंद्रित व्यवस्था में शिक्षा की तरह स्वास्थ्य देखभाल की भी निजी दुकाने खुली हैं, जिनमें रोगी व उसके परिजनों की आमदनी के हिसाब से दुकानें हैं. इस कारण लोग चुनाव को लेकर परेशान रहते हैं. जितने लोग उतने दुकान की बात. बीमार सरकारी मेडिकल कालेज तो बदनाम ही है.
‌

अंततः मेरे भाई दुर्घटना स्थल से 90-100 किलोमीटर की दूरी पर अत्यधिक भीड़ व ट्रैफिक वाले मुख्य रोड पर स्थित राजबंशी न्यूरो अस्पताल में दाखिल किया गया. इलाज शुरू हुआ. बहुत जल्द यह बात डॉक्टर को भी समझ आ गयी कि मरीज बहुत जल्द होश में आने वाला नहीं है, परन्तु दाहिने बांंह की टूट-फुट एक चिंता की कारण बनी रही.

देखते देखते 9 दिन हो गए. अत्यंत धीमी रिकवरी. सिर्फ आंख खुली और थोड़ा रिस्पांस किए. प्रतिदिन 20000 से ज्यादा का खर्च चिंता था. सिर्फ wait and watch ही करना है तो मेडिकल कालेज क्या बुरा है ? परंतु 9 वें दिन मेरे भाई के ब्लड में इन्फेक्शन होने लगा. हमें चिंता हुई. ड्यूटी डॉक्टर से पूछने पर पता चला कि मेरे भाई सेप्टीसीमिया में जा रहे हैं.

हमें अत्यंत चिंता हुई. परन्तु उस दिन मानवीय संवेदनाओं को महसूस करने और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना वाले 3 डॉक्टर दोस्त रात में भाई को देखने आए. उनके दबाव की वजह से वहां हड्डी का डॉक्टर आया और भाई के बांंह को कच्चा प्लास्टर किया.

10वें दिन सुबह न्यूरो के डॉक्टर ने मुझे बुलाकर बोला कि संतोषजनक विकास नहीं हो रहा. आप KGMU ले जाइए, परन्तु मुख्य डॉक्टर ने कहा कि सेप्टीसीमिया में जा रहे हैं इसलिए आप मेदांता, लखनऊ ले जाएं.

हमने मेदांता में सम्पर्क किया और एक आदमी को वहां भेजा तो उन्होंने बताया कि भर्ती हो जाएंगे. 7 हजार रुपया आईसीयू का चार्ज था. उसके बाद डॉक्टर विजिट का 500, नर्स का 250 इत्यादि. कुल मिलाकर 10 हजार रुपया के करीब भर्ती रहने का चार्ज, उसके बाद दवा. हमने सोचा ठीक है. गोरखपुर के बराबर ही चार्ज है. यही बात फोन के माध्यम से जानकारी लेने पर भी बताया गया.

परन्तु जब रात में वहां पहुंचे तो घोर शांति थी. सिर्फ एक एम्बुलेंस और था. वहां डॉक्टर आते ही बोला पहले ‘रेट समझ लीजिए तब भर्ती किया जाएगा.’ रेट बताया कि 50-70 हजार रुपए प्रतिदिन लगेगा. हमने प्रतिवाद किया कि ‘आपने 7000+डॉक्टर विजिट+नर्स खर्च + अन्य लगभग 10000 रुपए प्रतिदिन बताया था.’

इस विवरण को मानते हुए भी मेदांता में यही कहा गया कि 50 से 70 हजार प्रतिदिन लगेगा. हम क्या करते फिर KGMU गए. वहां कोविड जांच की भयंकर भीड़. किसी आपदा प्रभावित लोगों की भीड़ जैसी स्थिति. स्थिति देखकर डर लगने लगा. सभी इमेरजेंसी वाले मरीज.

मरीज को उतारकर ठंड में बाहर रखना घातक लगा. फिर सहारा चले. अब साथ आया अटेंडेंट जोर देने लगा कि फलांं अस्पताल चलिए. पर हमें कुछ सूझ नहीं रहा था. आखिरकार सहारा में लाकर भाई को भर्ती किए हैं. यहां चार्ज नहीं बताया गया है पर बहुत ज्यादा ही होगा. यहांं भी यही कहा गया कि कब होश में आएंगे कोई नहीं कुछ कह सकता.

समस्या यह है कि बिना होश आए बांंह का ऑपरेशन होगा नहीं और ऐसे गम्भीर टूट वाले हाथ से इन्फेक्शन फैलने का खतरा बना रहेगा. क्या किया जाए समझ नहीं आता.
कुछ हमदर्द साथियों ने रात में KGMU में भर्ती कराने का प्रयास किया, पर हम असफल रहे थे.

इन दैत्याकार निजी हॉस्पिटलों के रहते सभी को स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल सकता.

  • कृपा शंकर

Read Also –

उत्तर प्रदेश में चिकित्सकों और बुनियादी सुविधाओं के वगैर भी चल रहे हैं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र
विश्व गुरु बनने की सनक
मुजफ्फरपुर के अस्पताल में मरते बच्चे और जिम्मेदारी से भागते अधिकारी और सरकार
अस्पताल बनाम स्टेचू ऑफ यूनिटी
मैक्स अस्पताल के लाईसेंस रद्द करने के केजरीवाल सरकार की शानदार कार्रवाई के खिलाफ भाजपा और अनिल बैजल का निजी चिकित्सा माफियाओं से सांठगांठ का भंडाफोर
भ्रष्टाचार में आकंठ डुबा है IGIMS का MS मनीष मंडल
जन सरोकार, अस्पताल-स्कूल के मुद्दे वोट नहीं दिला सकते 

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

किसानों के सवाल बड़े हैं या 2000 रुपये का सम्मान

Next Post

देशभक्त

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

by ROHIT SHARMA
July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

लोकतंत्र के अंतिम किले का पतन : भाजपा की ढाल बना चुनाव आयोग

by ROHIT SHARMA
June 16, 2026
Next Post

देशभक्त

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

एजेंडा राहुल, तेजस्वी, वाम दलों का…, लागू कर रहे हैं नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार

June 16, 2024

सरकार की जनविरोधी नीतियों से बदहाल मरते लोग और चुनाव में व्यस्त सरकार

February 27, 2022

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

July 20, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.