Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

मौत और अपमान का कार्ड बना आधार कार्ड

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
October 22, 2017
in ब्लॉग
1
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

मौत का कार्ड : आधार कार्ड

You might also like

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

कांग्रेस की मनमोहन सरकार ने जब आधार कार्ड को जारी करने का प्रस्ताव रखा था तब तत्कालीन विपक्षी भाजपा मोदी के नेतृत्व में आधार कार्ड को जनविरोधी बताया था और कहा था कि ‘‘यह देश को पीछे ले जाने वाला कदम है.’’ परन्तु 2014 में देश की सत्ता पर आते ही भाजपा की मोदी सरकार ने हर उस कार्यक्रम को जिसे कांग्रेस ने शुरू किया था – जिसमें नोटबंदी, जीएसटी, आधार कार्ड भी था – और मोदी ने विरोध किया था, न केवल जोर-जबरदस्ती से कार्यान्विति करना शुरू कर दिया बल्कि सुप्रीम कोर्ट तक के आदेश का भी अनदेखा कर दिया.

आधार कार्ड, जिसका मोदी ने एक समय जबर्दस्त विरोध किया था, प्रधानमंत्री बनते ही उसे ‘जीवन का आधार’ घोषित कर दिया. चीजें अब यहां तक पहुंच गई है कि जिसके पास आधार कार्ड नहीं, उसे जीने का अधिकार भी नहीं, बना दिया गया है. इसका पहला शिकार झारखण्ड के सिमडेगा जिले की जलडेगा प्रखण्ड स्थित कारीमाटी गांव की 11 साल संतोषी कुमारी बनी – सबसेे महत्वपूर्ण बात यह है कि वह हिन्दू थी, जो एक “हिदुत्ववादी” पार्टी भाजपा के शासनकाल में थी – ‘भात-भात’ कहते हुए मर गई, और भाजपा के कारकून इस बदनामी को मिटाने के लिए उस परिवार के ऊपर ही कहर बरपा दिया. गरीब असहायों के खून से रंगे भाजपा की सरकार के हाथों ने आधार कार्ड को जिस कदर बेरहमी से आम लोगों के ऊपर लागू किया है, इसका कोई जवाब नहीं हो सकता. यह हालत तब है जब विश्व बैंक ने आगाह किया है कि दुनिया भर में 101 करोड़ ऐसे लोग हैं, जो अधिकारिक रूप से हैं ही नहीं. ये लोग बिना किसी पहचान-पत्र के जिन्दगी बिता रहे हैं.

विश्व बैंक के अनुसार, बिना पहचान-पत्र वाले ‘अदृश्य लोगों’ कीें बड़ी संख्या अफ्रीका और एशिया में है. यह समस्या मुख्य रूप से उन भौगोलिक इलाकों में है, जहां के लोग गरीबी, भेदभाव, महामारी या हिंसा से पीड़ित हैं. झारखंड का सिमडेगा जिला भी ऐसे ही इलाकों में आता हैं, परन्तु काॅरपोरेट घरानों के खजाने को देश की जनता का खून तक निचोड़कर भरने वाली आधार कार्ड को अनिवार्य करने वाली भाजपा के लिए यह असमानता कोई मायने नहीं रखता वरन् बेहद फलदायी है.

भाजपा जिस प्रकार नोटबंदी, जीएसटी से लेकर आधार कार्ड तक को हर क्षेत्र में जबर्दस्ती लागू करने पर आमदा है, इसके कोई अच्छे परिणाम आने की सम्भावना भी नहीं है. नोटबंदी ने जहां देश की कमर तोड़ दी तो वहीं जीएसटी देश की अर्थव्यवस्था के पैरों को जंजीर में जकड़ दिया है. अब आधार कार्ड के माध्यम से लोगों के जीने का अधिकार भी छीन रही है. अगर भाजपा की तरह सारी दुनिया की सरकार इस तरह के पहचान पत्रों को अनिवार्य कर दे तो एक ही झटके में 101 करोड़ लोगों की हत्या करनी होगी, जिसका शुभारम्भ मोदी की भाजपा सरकार ने सिमडेगा से कर दिया है.

आधार कार्ड की शिकार बनी संतोषी कुमारी

‘भात-भात’ कहते हुए भूख से मरने वाली बच्ची को पहले मलेरिया से मरने की बातें की जाने लगी, परन्तु जब यह साबित नहीं हो पाया तब 11 साल की उस बच्ची संतोषी कुमारी’ की मां कोयली देवी और उनके परिवार को गांव वालों की आड़ में कुछ गुण्डे तत्वों के द्वारा कहर बरपाया जाने लगा, जिस कारण वह गांव छोड़कर पड़ोसी गांव पलायन करने पर मजबूर हो गई. निश्चित रूप से यह घटना भाजपा सरकार के निशानदेही के तौर पर हो रही होगी, जो भाजपा सरकार और उसके कारकूनों के कुकृत्य का सबसे वीभत्स नमूना है. यह दीगर बात है बाद में उस परिवार को वापस लाने की प्रशासनिक पहल की गई, पर दुनियाभर में भारत का चेहरा शर्मसार हो गया.

अपनी मूढ़ता की पराकाष्ठा को हासिल किये केन्द्र की मोदी सरकार जब गधे को अपना प्रेरणास्त्रोत बताती है, तब मोदी, पूरी भाजपा और उसके कारकूनों की मूढ़ता को महिमामंडित करते नजर आये. वह देश की करोड़ों गरीब-अशिक्षित लोगों के कब्र पर अंबानी-अदानी जैसे काॅरपोरेट घरानों के खजानों को जल्द से जल्द भरने की आतुरता ही दिखाई पड़ती है.

भाजपा देश की जनता को शिक्षित करने वाली शिक्षण संस्थानों पर खर्च घटा रही है, जिस कारण एक ओर जहां शिक्षण संस्थान बंदी के कागार पर आ पहुंचे हैं तो दूसरी ओर गरीब तबकों के आये छात्रों को शिक्षण संस्थान से बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है. चिकित्सा व्यवस्था को भी बाजार के हवाले कर लोगों के मौलिक अधिकार को छीना जा रहा है, जिस कारण हजारों की तादाद में लोग मारे जा रहे हैं. जिन चिकित्सा संस्थान में गरीब लोगों का इलाज किया भी जा रहा है, वहां इलाज के नाम पर गरीब मरीजों के ऊपर दवाईयों का उपयोग ‘प्रयोग’ के तौर पर किया जा रहा है.

यह अनायास नहीं है कि देश की कुल सम्पत्ति का 63 प्रतिशत हिस्सा महज 60 घरानों के पास केन्द्रित हो गया है. अंबानी-अदानी जैसे काॅरपोरेट घरानों के खजानों को बढ़ाने के लिए भाजपा की मोदी सरकार दिन-रात एक कर रही है गरीब-अशिक्षित-असहाय करोड़ों लोगों के अपमान और मौत की कीमत पर, जिसका हिसाब एक दिन भाजपा को देश के सामने देना होगा.

Previous Post

भाजपा सरकार मध्य-युगीन राजघराने की स्वच्छंदता कानून लागू करना चाह रही है ?

Next Post

आधार कार्ड की अनिवार्यता, निजता का हनन और ममता का विरोध

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
Next Post

आधार कार्ड की अनिवार्यता, निजता का हनन और ममता का विरोध

Comments 1

  1. S. Chatterjee says:
    9 years ago

    भाजपा देश को क्रूर थियोक्रेसी की तरफ ले जाना चाहती है।अंध राष्ट्रवाद के चक्कर में लोग आज देख नहीं पा रहे हैं।जब तक नींद खुलेगी कांरवा लुट चुका होगा।

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

जल संकट और ‘शुद्ध‘ पेयजल के नाम पर मुनाफे की अंधी लूट

December 4, 2017

साम्राज्यवादी युद्ध का विरोध करें !

March 3, 2022

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.